चंबा। विकासात्मक कार्यों को धीमी गति से करने वाले एक दर्जन ठेकेदारों पर लोनिवि मंडल चंबा ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने इन 12 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। विकासात्मक कार्यों की एवज में विभाग की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके ठेकेदार लोगों की सहूलियत के लिए करवाए जा रहे विकासात्मक कार्यों को कछुए की चाल करने से भी पीछे नहीं रह रहे हैं। इन ठेकेदारों की लापरवाही को देखते हुए विभाग ने यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। विभाग ने इन ठेकेदारों को साफ कर दिया है कि नोटिस मिलने के एक माह के भीतर कछुए गति से होने वाले विकासात्मक कार्यों में गति प्रदान न की गई तो उन्हें ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि चंबा मंडल के तहत विभिन्न गांवों को सड़कों से जोड़ने संबंधी करोड़ों के कार्य ठेकेदारों को आवंटित किए गए हैं। हैरानी की बात है कि ठेकेदार टैंडरिंग प्रक्रिया के बाद कार्य हाथ में लेने के बाद भी कार्य को धीमी गति से करवा रहे हैं। ऐसे में सड़कों से जुड़ने की आस लिए बैठे लोगों को भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बहरहाल, इसके बारे में विभाग के पास भी कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। शिकायतें मिलने के बावजूद कुछेक ठेकेदारों को विभाग की ओर से मौखिक तौर पर कार्य प्रगति पर लाने के लिए चेताया भी गया था। बावजूद इसके चंबा मंडल के तहत 12 ठेकेदारों ने इन आदेशों को हल्के में ही लिया। इसके बाद अब विभाग ने इन ठेकेदारों पर शिकंजा कसते हुए उन्हें नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने साफ किया है कि यदि ठेकेदार कार्यों को युद्घस्तर पर नहीं करवाते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।
इन कार्यों के चलते जारी हुए नोटिस
साहो-कीड़ी मार्ग, कोलका-जटकरी मार्ग, समोथा मार्ग, लग्गा-पेटी-भाला, न्यायिक आवासीय कॉलोनी, पुलिस आवासीय कॉलोनी, कीड़ी-लग्गा मार्ग, द्रड्डा-सेरू मार्ग, रजेरा-गुड्डा-चोगा मार्ग, हरिपुर-नाणू मार्ग, साच-फ्तेहपुर मार्ग, चनेड़-भनौता मार्ग के काम धीमी गति से करवाए जा रहे थे। इसके बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि धीमी गति से कार्य करने वाले 12 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस मिलने के एक माह के भीतर इन ठेकेदारों को अपने कार्यों में तेजी लानी होगी अन्यथा उन ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्हें ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।