चंबा। निजी प्रैक्टिस करने वाले मेडिकल कॉलेज चंबा के चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस संबंध में प्रबंधन ने सभी डॉक्टरों को लिखित में आदेश जारी कर दिए हैं। अमर उजाला में छपी खबर के बाद हरकत में आते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने यह कार्रवाई अमल में लाई है।
इस खबर में बताया गया था कि मेडिकल कॉलेज के कई विशेषज्ञ निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ऐसा करना गैरकानूनी है। यह खबर प्रकाशित होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने हरकत में आते हुए चिकित्सकों को सख्त हिदायत जारी की है।
इसके अनुसार मेडिकल कॉलेज में तैनात कोई भी चिकित्सक निजी अस्पताल में प्रेक्टिस नहीं कर सकता। अगर कोई चिकित्सक निजी प्रेक्टिस करता पाया जता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
चंबा मेडिकल कॉलेज में जिले की छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर निर्भर है। मेडिकल कॉलेज में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में अधिक लाभ अर्जित करने के चक्कर में चिकित्सक निजी अस्पतालों में प्रेक्टिस करते हैं इससे तो सरकारी अस्पताल में सेवाएं चरमरा जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अलावा कुछ तकनीकी स्टाफ भी निजी अस्पतालों में जाकर सेवाएं दे रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को इनके खिलाफ भी नकेल कसने की आवश्यकता है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम पुरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के सभी चिकित्सकों को निजी प्रेक्टिस नहीं करने के फरमान जारी किए हैं। अगर कोई चिकित्सक निजी प्रेक्टिस करते हुए पाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।