चंबा। जिन जंगलों में जाकर आरोपियों ने वन्य प्राणियों को मारा, वन विभाग उसी जंगल में ले जाकर मरे हुए वन्य जीवों के अवशेष प्राप्त करने में जुट गया है।
खज्जियार और बालू में वन विभाग ने महाराष्ट्र और राजस्थान के छह लोगों को वन्य प्राणियों के अवशेषों के साथ पकड़ा है। इन लोगों को अदालत में पेश करने पर पांच दिन की फॉरेस्ट रिमांड मिली है। इस रिमांड अवधि के दौरान वन विभाग पकड़े गए आरोपियों से वन्य प्राणियों के अवैध शिकार को लेकर गहनता से पूछताछ कर रहा है।
बुधवार को वन विभाग की टीम आरोपियों को साथ लेकर चुराह के जंगलों में पहुंची। यहां इन लोगों ने वन्य जीवों का अवैध शिकार किया था। इन जंगलों में सियार आसानी से मिल जाता है। इसके अवशेष इन आरोपियों से बरामद हुए हैं। ऐसे में वन विभाग जंगलों में मरे हुए वन्य जीवों के अवशेष जुटाकर आरोपियों से मिले अवशेषों से मिलान करवाएगा, जिससे इस बात को साबित किया जा सके कि आरोपियों के पास से जो वन्य जीवों के अवशेष बरामद हुए हैं। वे जिला चंबा के जंगलों में शिकार कर जुटाए गए हैं। कुछ अवशेष ऐसे वन्य जीवों के भी मिले हैं, जो जानवर बाहरी राज्यों के जंगलों में पाए जाते हैं। इस मामले में वन विभाग की जांच टीम वन मंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार की अध्यक्षता में जांच कर रही है। जिला चंबा में पहली बार वन्य जीवों के अवशेषों की तस्करी का ऐसा मामला वन विभाग ने उजागर किया है। इसको लेकर जिला भर में विभाग की तारीफ हो रही है।
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि चुराह के जंगलों में आरोपियों को लेकर वन विभाग की टीम जांच के लिए गई है। अभी तक जंगल में वन्य जीवों के अवशेष मिले हैं या नहीं, इसका पता टीम के वापस लौटने के बाद ही लगेगा। इस मामले में विभाग गहनता के साथ कार्रवाई कर रहा है।