चंबा। शहर के चार वार्डो में विकासात्मक कार्य न होने से नाराज कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने चौथे दिन भी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
कांग्रेस पार्षदों समेत कांग्रेस समर्थक, वार्ड के लोग भी धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे। पार्षदों ने साफ किया है कि विकास कार्यों को लेकर भेदभाव करने वाली नप अध्यक्ष अपने पद से इस्तीफा दें। इसके बाद पार्षद अपने समर्थकों के साथ उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल से मिले और मांगपत्र सौंपा।
सुराड़ा वार्ड से पार्षद उर्मिला जसरोटिया, सुल्तानपुर से सीमा कुमारी, चौगान से खालिद मिर्जा और हरदासपुरा की पार्षद अंजू देवी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से उनके वार्डों में विकास कार्य रुके हुए हैं। हमने जो भी लिखित कार्य नगरपरिषद को दिए, उन पर ज्यादातर कार्य नहीं हुए हैं। कार्य करना तो दूर पत्र का जवाब तक नहीं दिया जाता। हर बार यही कहा जाता है कि हमारे पास 11 वार्डों के लिए मात्र 11 आदमी काम करने वाले हैं। इसलिए काम करवाने में असमर्थ हैं। डेढ़ साल से जो भी टेंडर हुए, वे या तो रद्द कर दिए गए या समय पर खुले ही नहीं। हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर काम रोक दिया जाता है। हाल ही में स्ट्रीट लाइटें और पोल की निविदाएं हुई हैं, उन्हें भी अध्यक्ष की ओर से रोका जा रहा है। हाउस की बैठक होती है, उसकी प्रोसीडिंग की काॅपी तीन दिन में साइन होनी चाहिए, मगर तीन-तीन महीने तक हस्ताक्षर नहीं होते हैं। न ही पार्षदों तक प्रतिलिपि पहुंचती है। पार्षदों ने इस मामले की जांच करने के लिए जांच कमेटी गठित की जाए।
नगर परिषद उपाध्यक्ष सीमा कश्यप ने बताया कि वे शनिवार को भी धरना-प्रदर्शन कर रहे पार्षदों से मिलने गई थीं, लेकिन, पार्षदों ने उनकी बात नहीं मानी। हर वार्ड में विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया हो रही है। इसकी पार्षद सूची नगर परिषद से निकलवा सकते हैं। कार्यकारी अधिकारी कहीं मौके पर गए हैं। उनके कार्यालय आते ही टेंडर खोल दिए जाएंगे।
नप अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार है। पार्षदों को लगता है कि इनके वार्ड में विकास कार्य के लिए पैसा खर्च नहीं हुआ है तो इसकी वे विजिलेंस जांच करवा सकते हैं। कहा कि सबसे अधिक विकास कार्य इन पार्षदों के वार्डों में ही हुए हैं।