कबायली क्षेत्र पांगी में चंद्रभागा नदी में डूबे लोगों की तलाश अब भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के प्रशिक्षित गोताखोर करेंगे। बीते बुधवार को हुए इस हादसे के दूसरे दिन वीरवार को एक महिला का शव बरामद हुआ है। जबकि अब भी सात लोगों का कहीं कोई पता नहीं चल पाया है।
शुक्रवार को भी पुलिस और स्थानीय लोग चंद्रभागा नदी के किनारे किनारे लापता लोगों की तलाश करते रहे लेकिन उनके कुछ हाथ नहीं लगा है। घटना स्थल पर मौजूद इस मामले की जांच कर रहे एएसआई बीर सिंह ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन नदी के बीचोंबीच गिरा हुआ है, जहां पर पानी का बहाव तेज होने के साथ-साथ गहराई भी लगभग बारह फुट से ज्यादा है।
ऐसे में बिना प्रशिक्षण के इस जोखिम भरे कार्य को अंजाम नहीं दिया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि वाहन में ही उक्त सभी सात लोगों के शव फंसे होंगे। उधर वाहन के साथ नदी में समाए लोगों के परिजन शोक में डूूबे हैं। पिछले तीन दिन से यह सभी लोग नदी के पास पहुंचकर आंसू बहा रहे हैं। तीन दिन बीतने के बाद भी उनके अपनों का कुछ पता न चल पाने के गम में इनका सब्र जवाब दे रहा है। लिहाजा अब इन लापता लोगों की तलाश गोताखोरों की कार्य दक्षता पर ही निर्भर करती है।
उधर, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की टीम पांगी के लिए रवाना हो चुकी है, जो शनिवार से घटना स्थल पर पहुंचकर लोगों की चंद्रभागा नदी में तलाश शुरू कर देगी।
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प्रशिक्षित गोताखोर ही उतर सकते हैं नदी में : डीसी
उधर, उपायुुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि गोताखोर नदी में उतरकर गाड़ी तक पहुंचेंगे और गाड़ी में यदि कोई फंसा हुआ मिलेगा तो उसे बाहर निकाला जाएगा। पानी का बहाव काफी तेज है और नदी में सिर्फ प्रशिक्षित लोग ही उतर सकते हैं। इसलिए गोताखोरों की मदद ली गई है।
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कब क्या हुआ
बुधवार को करीब ढाई बजे के बाद मिंधल माता के दर्शनों से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी 400 मीटर गहरी खाई में लुढ़ककर चंद्रभागा नदी में जा गिरी। बुधवार को कोई भी राहत या बचाव कार्य नहीं हो पाया। वीरवार को गाड़ी से बाहर निकल आई एक महिला की लाश को रस्सी के सहारे ऊपर लाया गया। जबकि शुक्रवार को कोई बरामदगी नहीं हो पाई है।