चंबा-तीसा मार्ग पर कल्हेल के समीप ट्राला दुर्घटना में मारे गए चालक और परिचालक का बुधवार को पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया। इस हादसे के बाद प्रशासन के कान भी खड़े हो गए हैं। तीन हादसों में तीन जान जाने के बाद अब प्रशासन को भी लगने लगा है कि इस मार्ग पर बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगनी चाहिए।
चुराह घाटी में विभिन्न पन विद्युत परियोजनाओं का निर्माण का युद्घ स्तर पर चलने से बाहरी औद्योगिक क्षेत्रों से सीधे रास्तों पर चलने के लिए बने ट्राला वाहनों पर लाद कर आवश्यक सामग्री को चुुराह घाटी तक पहुंचाया जा रहा है लेकिन इस क्षेत्र की सड़क इस लिहाज से बिल्कुल भी दुरुस्त नहीं है।
इसका पता हाल ही में हुए तीन हादसों से चल ही चुका है लेकिन अभी तक इन भारी भरकम और सड़कों से बड़े वाहनों को चंबा-तीसा मार्ग पर आवाजाही रोकने संबंधी कोई प्रतिक्रिया नहीं हो पाई है। इससे लाजमी लग रहा है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो हादसों का यह सिलसिला कभी नहीं थमने वाला है क्योंकि चंबा-तीसा मार्ग की गहराई ने आज तक किसी पर रहम नहीं किया है।
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जल्द जिला प्रशासन के ध्यान में लाएंगे मामला : एसडीएम
एसडीएम तीसा हितेश आजाद ने बताया कि वह समस्या से भली भांति परिचित हैं। इस बारे में शीघ्र जिला प्रशासन को लिखित रूप से चेताया जाएगा ताकि इन सिलसिले बार हादसों पर रोक लगाई जा सके।