बनीखेत (चंबा)। उप-डाकघर बनीखेत में चार माह से लोगों के आधार कार्ड नहीं बन रहे हैं। आधार कार्ड बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रिंटर की स्याही चार महीने पहले खत्म हो चुकी है। इसका प्रबंध डाक विभाग आज तक नहीं हो पा रहा है।
रोजाना दूरदराज की पंचायतों के लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए उप-डाकघर बनीखेत पहुंचे हैं। यहां पर उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। इसकी वजह से लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए बनीखेत से आठ किमी दूर डलहौजी की दौड़ लगानी पड़ रही है। यह समस्या चार महीनों से चली
हुई है।
हैरानी की बात है कि अभी तक उप-डाकघर में प्रिंटर में स्याही नहीं डाली जा सकी है। डाकघर में दो प्रिंटर उपलब्ध हैं। एक प्रिंटर खराब पड़ा है, जबकि एक की स्याही खत्म हो चुकी है। प्रिंटर खराब होने का बहाना बनाकर कर्मचारी लोगों को डलहौजी में आधार कार्ड बनवाने के लिए भेज देते हैं। इसको लेकर लोगों में रोष है। एक आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग बार-बार डाकघर के चक्कर काट रहे हैं। उप डाकघर बनीखेत आसपास की आधा दर्जन पंचायतों का केंद्र हैं। इसलिए अपने आधार कार्ड बनवाने के लिए यहां के निवासी इसी डाकघर में पहुंचे हैं लेकिन चार माह से लोगों को परेशानी हो रही है।
डाकपालक गौरव देव ने बताया कि प्रिंटर में स्याही खत्म होने के बारे में कई बार जिला डाकघर में सूचना दी जा चुकी है लेकिन अभी तक जिला डाकघर से स्याही का प्रबंध नहीं किया जा सका है।
हर्षिता निवासी गोली ने बताया कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए उपडाकघर बनीखेत पहुंची थीं लेकिन प्रिंटर में स्याही न होने की वजह से उनका आधार कार्ड अपडेट नहीं हो सका।
मुनीष ने बताया कि बनीखेत डाकघर में प्रिंटर में स्याही खत्म होने की वजह से उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। आधार बनवाने के लिए वह कई बार डाकघर के चक्कर काट चुके हैं। उन्होंने डाक विभाग से अनुरोध किया है कि जल्द राहत दिलाई जाए।
चतरो राम निवासी बगढार ने बताया कि वह सोमवार को अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए बनीखेत पहुंचे थे लेकिन प्रिंटर में स्याही न होने का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। कहा कि प्रिंटर में स्याही उपलब्ध करवाना विभाग का काम है। इसके लिए आम लोगों को परेशान करना तर्कसंगत नहीं है।
अमोल टंडन निवासी बनीखेत ने बताया कि उप डाकघर बनीखेत में चार माह से प्रिंटर की स्याही खत्म है लेकिन विभाग ने स्याही का इंतजाम नहीं किया। आम लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।