सुल्तानपुर में सफाई व्यवस्था ठप, पार्किंग भी नहीं, बुनियादी सुविधाओं की भी कमी
टूटी सड़कें और स्ट्रीट लाइटें भी गायब, कागजों तक ही सीमित हैं विकास के दावे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर के सुल्तानपुर वार्ड में हालात ऐसे हैं, मानो विकास ने पहले ही रास्ता बदल लिया हो। वार्ड के 2200 लोगों की जिंदगी रोजाना अव्यवस्था से जूझती है।
नालियों का पानी सड़कों पर बहता है, टूटी सड़कें सफर को सजा बना देती हैं और अंधेरे में डूबी गलियां सुरक्षा की चिंता बढ़ाती हैं। यहां समस्याएं अस्थायी नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की स्थायी पहचान बन चुकी हैं। सुल्तानपुर वार्ड के बाशिंदे लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। वार्ड में नालियां कूड़े से भरी पड़ी हैं। इस कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। सड़कें भी जगह-जगह से उखड़ी हैं। इससे आवागमन करना मुश्किल हो गया है। स्ट्रीट लाइटों की कमी के कारण शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोगों के अनुसार वार्ड में नियमित सफाई नहीं होती है। कचरा कई जगह जमा रहता है। इससे बदबू और बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से वाहन सड़कों पर ही खड़े करने पड़ते हैं। इससे जाम की स्थिति बनी रहती है। कई घरों की छतों पर बिजली के तार बेतरतीब ढंग से लटके हैं। ये किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं।
सुल्तानपुर शहर का इतना बड़ा वार्ड है लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ नहीं है। सड़कें इतनी खराब हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सही तरीके से काम ही नहीं हो पाया है। - पुष्प नाथ
नालियां कूड़े से जाम रहती हैं। गंदा पानी घरों के पास तक आ जाता है। वार्ड में सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश के समय समस्या और अधिक हो जाती है। - कांता देवी
पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण लोग परेशान होते हैं। कई बार जाम लग जाता है। लोगों को गलियों में गाड़ियां पार्क करनी पड़ती हैं। इससे सड़कें और खराब हो चुकी हैं। - वंदना देवी
वार्ड में स्ट्रीट लाइटें नहीं होने के कारण रात को घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सुरक्षा का डर हमेशा रहता है। रात के समय पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। लावारिस कुत्तों से भी डर लगता है। - कविता