चंबा कॉलेज में मतगणना के दौरान अचानक हुआ बेहोश, प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार
बेहोश हुए सहकर्मी को समय पर मदद पहुंचाकर बना जीवनरक्षक
मोहम्मद अयूब
चंबा। चंबा कॉलेज में बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों की मतगणना के दौरान एक कर्मचारी की सूझबूझ और तत्परता ने उसके साथी की जान बचा ली। मतगणना के बीच अचानक एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद एक अन्य कर्मचारी ने बिना समय गंवाए उसे सीपीआर देकर राहत पहुंचाई।
जानकारी के अनुसार चंबा कॉलेज के मतगणना हॉल में रविवार को मतगणना कार्य चल रहा था। सभी कर्मचारी अपने-अपने कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान एक कर्मचारी अचानक जमीन पर गिर पड़ा और पसीने से लथपथ हो गया। घटना से वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक कर्मचारी ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बेहोश कर्मचारी को सीपीआर देना शुरू किया। कुछ समय तक लगातार सीपीआर देने के बाद कर्मचारी को होश आने लगा। इसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। चिकित्सकीय देखरेख और उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ तथा सोमवार सुबह उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बताया जा रहा है कि मतगणना केंद्र में उस समय कर्मचारी का छोटा भाई भी ड्यूटी पर मौजूद था। भाई की अचानक बिगड़ी हालत देखकर वह काफी घबरा गया और लगातार उसके होश में आने का इंतजार करता रहा।
सूत्रों के अनुसार मतगणना केंद्र में तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए न तो मेडिकल टीम मौजूद थी और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था थी। ऐसे में मौके पर मौजूद कर्मचारी द्वारा दी गई सीपीआर पीड़ित के लिए जीवनदायी साबित हुई। समय रहते प्राथमिक उपचार मिलने से एक बड़ी अनहोनी टल गई। संवाद