चंबा के गढ़ माता जातर मेले के दौरान पूजा अर्चना करते लोग।संवाद
सायर के अवसर पर सजी जातर में हिमाचल के साथ जम्मू-कश्मीर से पहुंचे श्रद्धालु, माता को अर्पित की नई फसल
खराब मौसम भी नहीं रोक पाया श्रद्धालुओं का उत्साह, दोनों राज्यों की साझा संस्कृति और भाईचारे का दिखा संगम
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर स्थित गढ़ माता मंदिर में सायर के अवसर पर आयोजित प्रसिद्ध गढ़ माता जातर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
सुबह मौसम खराब रहने के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। मौसम साफ होते ही जातर स्थल पर भीड़ और बढ़ गई। इस दौरान करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाया।
श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर नई फसल माता को अर्पित की। मान्यता है कि माता को नई फसल भेंट करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और अन्न के भंडार भरे रहते हैं।
डलहौजी विधायक डीएस ठाकुर ने भी जातर में पहुंचकर माता के दरबार में शीश नवाया और श्रद्धालुओं से मुलाकात की। मंदिर कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र राणा सहित अन्य सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
गढ़ माता जातर में हिमाचल के साथ जम्मू-कश्मीर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जातर के दौरान तेलका-किहार क्षेत्र की ओर से भंडारा लगाया गया, जबकि जम्मू-कश्मीर की ओर से भी श्रद्धालुओं के लिए अलग भंडारे की व्यवस्था रही। जातर दोनों क्षेत्रों की साझा संस्कृति, परंपरा और भाईचारे का प्रतीक बनी।