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Chamba News: बेखौफ बंदरों के झुंड ने बढ़ाया लोगों में खौफ

Sun, 07 Jun 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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बंदर के हमले से महिला की बाजू में लगी चोट। जागरूक
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शहर में हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी मोहल्ले में बंदरों ने राहगीरों पर कर दिया हमला
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महिला के हाथ पर काटा, पहले भी कई लोगों को घायल कर चुके हैं उत्पाती बंदर
लोग बोले- पशुपालन और वन विभाग बंदरों को पकड़ने को चलाएं अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा होता जा रहा है।
वजह हैं शहर में बढ़ते हमलावर बंदर। इन्होंने लोगों के मन में ऐसा भय पैदा कर दिया है कि हर मोड़ और गली में अचानक हमले की आशंका बनी रहती है। एक ओर बंदरों के झुंड लगातार लोगों को घायल कर रहे हैं, दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की अनुपलब्धता हालात को और चिंताजनक बना रही है।
रविवार सुबह शहर के हरदासपुरा वार्ड के लाहड़ी मोहल्ले में बंदरों ने राहगीरों पर हमला कर दिया। चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे और बंदरों के झुंड को भगाया। बंदर ने चंपा देवी के हाथ पर काट लिया है। पहले भी सलीम, राजकुमार, राजेंद्र और महिंद्र पर बंदर हमला कर चुके हैं। चर्च गेट, कसाकड़ा, जनसाली, चौंतड़ा, धड़ोग में भी बंदर विद्यार्थियों और राहगीरों पर हमला कर चुके हैं।
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लोग सवाल उठा रहे हैं कि शहर में बंदरों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए पशुपालन और वन विभाग कारगर कदम नहीं उठा रहे हैं। शहर के लोगों में अजितेश शर्मा, मंगलेश शर्मा, किशोर शर्मा, डॉ. डीके सोनी, राकेश बिज और शादी लाल शर्मा ने प्रशासन, वन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि शहर में बंदरों के आतंक से लोगों को निजात दिलवाई जाए। इन बंदरों को पड़कर शहर से दूर छोड़ा जाए।
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मेडिकल कॉलेज में भी एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं
जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल कॉलेज समेत जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं हैं। नतीजतन, बंदरों के काटने से घायल हुए लोगों को अपने स्तर पर ही बाजार से एंटी रेबीज के इंजेक्शन खरीदकर लगवाने पड़ेंगे। उधर, सीएमओ डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि चंबा या किसी भी क्षेत्र में किसी व्यक्ति को बंदर काट लेता है तो तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए। वहीं, वन्य जीव विभाग के डीएफओ राकेश ने बताया कि बंदरों के लोगों पर झपटने की शिकायत नहीं मिली है। यदि बंदर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं तो इन्हें पकड़कर दूसरी जगह छोड़ा जाएगा।

बंदर काटे तो यह करें

- घाव के हिस्से को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह साफ करें।
- नजदीकी अस्पताल पहुंच कर एंटी रेबीज वैक्सीन का कोर्स शुरू करवाएं। रेबीज एक जानलेवा बीमारी है।
- डॉक्टर की सलाह पर टिटनेस और संक्रमण रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं लें।

बंदर के हमले से महिला की बाजू में लगी चोट। जागरूक

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