साहो (चंबा)। ग्राम पंचायत रजिंडू के एक दर्जन गांवों में 20 दिन से अंधेरे में डूबे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत ट्रांसफार्मर जलने के बाद बोर्ड प्रबंधन की ओर से ट्रांसफार्मर को उखाड़कर ले जाने के बाद दोबारा नया ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं करवाया गया है। इससे लोगों विशेषकर विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड प्रबंधन को चेताते हुए कहा कि यदि प्राथमिकता के आधार पर गांवों को दोबारा बिजली से रोशन न किया गया तो वे सड़कों पर उतरने को विवश हो जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत बोर्ड प्रबंधन की ही रहेगी। रजिंडू पंचायत के गांव गल, बिन्नू, द्रोबी, डिकलेरी, धनग्रां, परोगा, हेरनू, बिन्नू द्वितीय, कलेई और खरगा में बीस दिन से बिजली के बल्ब नहीं जल पाए हैं। विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी ग्रामीण रातें अंधेरे में गुजारने को मजबूर हैं।
उपभोक्ताओं महिंद्र सिंह, परसराम, प्रकाश चंद, तनु कुमार, कर्म चंद, अशोक कुमार, कामेश्वर, धर्मचंद, विक्की, कैलाश चंद, जोगेंद्र कुमार आदि ने बताया कि क्षेत्र में सप्लाई बंद होने से लोगों के बिजली उपकरण महज शोपीस बने हुए हैं। कई बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का हल न होने से ग्रामीणों को मलाल है।
विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता प्रवेश कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर तकनीकी खराबी के कारण जल गया है जिसे मरम्मत के लिए भेजा गया है। कहा कि जल्द ट्रांसफार्मर को स्थापित करवा दिया जाएगा।