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Chamba News: ...कंधों पर अर्थी, हाथों में दराती, यही है साल खड्ड की अंतिम यात्रा

Thu, 08 Oct 2026 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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झाड़ियों से पूरी तरह से ढका साल खड्ड ​स्थित श्मशानघाट कोजाने वाला रास्ता। संवाद
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श्मशानघाट तक पहुंचने से पहले ग्रामीण काटते हैं झाड़ियां, 78 साल बाद भी पक्के घाट का इंतजार
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आईटीआई-क्यून के पैतृक श्मशानघाट की राह बदहाल, संकरी पगडंडी पर मलबा-फिसलन बनी चुनौती
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। किसी घर से अर्थी उठती है तो लोगों के कंधों पर सिर्फ शव नहीं होता, रास्ते की चिंता भी होती है। साल खड्ड के किनारे आईटीआई और क्यून गांव के पैतृक श्मशानघाट तक पहुंचने से पहले ग्रामीणों को झाड़ियों से रास्ता साफ करना पड़ता है।
नगर परिषद चंबा के गठन को 15 अप्रैल, 1948 को 78 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन अंतिम संस्कार की इस जगह तक आज भी पक्का रास्ता नहीं बन पाया है।
आईटीआई कॉलोनी के साथ से गुजरने वाला रास्ता कई जगह बेहद संकरा है। करीब चार वर्ष पहले नगर परिषद ने सीढि़यां बनाई थीं, लेकिन नियमित रखरखाव न होने से इन पर मलबा और कूड़ा जमा है। बरसात में पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने व जगह-जगह पानी रिसने से रास्ता फिसलन भरा हो जाता है। अर्थी को कंधों पर लेकर संकरे रास्ते से गुजरना परिजनों और ग्रामीणों के लिए कठिन हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार श्मशानघाट तक सुगम और पक्का रास्ता बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। लोगों ने नियमित सफाई, मलबा हटाने और पक्का श्मशानघाट बनाने की मांग की है। पार्षद की ओर से साल खड्ड पर बनने वाले श्मशानघाट के लिए करीब पांच लाख का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव के तहत पक्का श्मशानघाट बनाने की योजना है। श्मशानघाट तैयार होने से 250 की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी।
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उधर, नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द ही पार्षद और कनिष्ठ अभियंता के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। वहीं, वार्ड पार्षद सीमा कश्यप ने बताया कि पक्का श्मशानघाट तैयार करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हाउस की बैठक में इसे पास करवाने का प्रयास किया जाएगा।

साल खड्ड में पक्का श्मशानघाट बनाने में नगर परिषद असफल रही हैं। कई बार नप से इस बारे में मांग उठाई जा चुकी है। - मनोज कुमार

श्मशानघाट का रास्ता झाड़ियों से ढका रहता है। लोगों को अपने स्तर पर ही झाड़ियां काटकर रास्ता बनाना पड़ता है। - भानो राम

अंतिम यात्रा भी यहां पर सुगम होने के बजाय काफी जटिल रहती है। इस कारण लोगों की परेशानियां बढ़ जाती है। - सोभिया राम

नगर परिषद को साल खड्ड पर पक्के श्मशानघाट का निर्माण करवाने और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए। - भानु शर्मा
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