चंबा। जिला मुख्यालय से करीब दस किमी की दूरी पर स्थित तड़ोली में पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालकर रावी नदी के किनारे अठखेलियां कर रहे हैं। मंडी जिले में लारजी हादसे के बाद प्रशासन ने चंबा में रावी नदी के किनारे पर्यटकों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, लेकिन तड़ोली में पर्यटक प्रशासन के चेतावनी बोर्ड की भी अनेदखी कर रहे हैं। इसके चलते रावी के किनारे बेखौफ अठखेलियां कर रहे हैं। मंडी में लारजी हादसे के बाद प्रशासन तड़ोली में समय-समय पर चेकिंग करता रहा, लेकिन यह सिलसिला कुछ ही समय तक चल पाया। इसके बाद प्रशासन व पुलिस का कोई भी अधिकारी तड़ोली में रावी पर पर्यटकों की आवाजाही को रोकने के लिए नहीं जा रहा है। यही कारण है कि तड़ोली में पर्यटक व स्थानीय लोग अपनी जान दाव पर लगाकर नदी के तट पर घूम रहे हैं। गौर रहे कि रावी नदी के बहाव की चपेट में आकर कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इन सभी घटनाओं के बावजूद जिला प्रशासन तड़ोली में हादसों को रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं रहा है। स्थानीय निवासी कमल ठाकुर, संजय कुमार, अशोक कुमार, अजय, प्रमोद, विजय, किशोर, धर्मपाल, राकेश, चंद राम व ओम प्रकाश ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा 2005 में तड़ोली में होमगार्ड की तैनाती की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद वहां से उसे हटा दिया गया।
कई पर्यटकों की जान गई
तड़ोली में 2006 में दिल्ली की छात्रा ने तड़ोली में फोटो खिंचवाते समय अपनी जान गंवा दी थी। 2007 में हरियाणा के करीब 20 पर्यटक अठखेलियां करते पानी के बहाव में फंस गए थे, उनमें से एक पर्यटक को जान चली गई थी।
2009 में पंजाब के एक पर्यटक को रावी नदी के तेज बहाव में अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
पर्यटकों की सुरक्षा के लिए रावी तट के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। समय-समय पर पुलिस विभाग को रावी तट के साथ जुडे़ पर्यटन स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटकों को भी अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
-बच्चन सिंह, एसडीएम