चंबा। बारिशें बीजी गई गेहूं की फसल की पैदावार के लिए आफत बन सकती है। जिला में गेहूं की क्वालिटी मौसम पर टिकी हुई है। अगर मौसम साफ व गर्म रहा तो पैदावार अच्छी रहेगी, नहीं तो गेहूं की फसल काली पड़ जाएगी। कृषि विभाग के अनुसार बीजी गई फसलों को अब ज्यादा तापमान की जरूरत है। पहले ही बारिशों के चलते फसल काफी प्रभावित हुई है। अगर आगे बारिशें हुईं तो गेहूं के सीटे भी कम बनने के असार हैं। अब तापमान गिरा तो गेहूं के आटे की क्वालिटी काफी हद तक प्रभावित हो सकती है।
ज्यादा बारिशों के बाद गेहूं से निकलने वाले आटे में कालापन की संभावना भी बरकरार है। जिले में 80 हजार के करीब किसान अपने खेतों में गेहूं की बिजाई करते हैं। मौसम अनुकूल रहे तो फसल की पैदावार उम्मीद से ज्यादा हो जाती है। मौसम में गिरावट आने से फसलों की पैदावार काफी हद तक प्रभावित भी हो जाती है।
इस साल जनवरी माह से बारिशें होने का सिलसिला जारी है। लगातार बारिशों से तापमान लगातार कम होता जा रहा है। ठंड के कारण गेहूं की फसल की क्वालिटी में फर्क पड़ा है। कृषि विभाग साफ मौसम होने पर ही गेहूं की फसल की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जता रहा है। आने वाले समय में जिले में मौसम का साफ रहने पर ही गेहूं की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।
उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. एसएस पठानिया ने कहा कि बारिशों से गेहूं की क्वालिटी में काफी फर्क पड़ सकता है। मौसम फिर खराब हुआ तो गेहूं काला हो सकता है। इस समय साफ मौसम का होना जरूरी है।