पांगी/भरमौर(चंबा)। चंबा जिला के पांगी घाटी की राजेंद्रा भारद्वाज ने कॉलेज कैडर में प्राचार्य का पद हासिल कर पूरे जिले की शान बढ़ाई है। राजेंद्रा भारद्वाज को जिला की ऐसी पहली महिला प्राचार्य बनने का गौरव हासिल हुआ है जिन्होंने कॉलेज कैडर में यह पद प्राप्त किया है। प्राचार्य बनने के बाद उन्हें कांगड़ा जिला के जंडोर महाविद्यालय में नियुक्ति दी गई है।
जनजातीय क्षेत्र के लोग वैसे तो स्वभाव से ही सरल होते हैं, लेकिन राजेंद्रा भारद्वाज के पिता बीआर भारद्वाज ने उन्हें बचपन से ही तराशना शुरू कर दिया था। जिस कारण वे उच्च शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ मृदुभाषी व सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रहीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पांगी के धरवास व किलाड़ स्थित राजकीय स्कूलों में हुई। किलाड़ में ही दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण की। जिसके बाद उन्होंने मेडिकल संकाय में स्नातक डिग्री हासिल की। मेडिकल में स्नातकोत्तर की शिक्षा उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से प्राप्त की और यहां एमफिल के लिए उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला।
राजेंद्रा भारद्वाज को इस मुकाम पर देख जिला के जनजातीय क्षेत्र भरमौर व पांगी के लोग फक्र महसूस कर रहे हैं। राजेंद्रा भारद्वाज अब तक राजकीय महाविद्यालय सोलन, नाहन, चंबा, चुवाड़ी, धर्मशाला व नगरोटा बगवां में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर सेवाएं दे चुकी हैं। उनका विवाह पांगी घाटी के सुराल गांव के सुभाष ठाकुर से साथ हुआ है जोकि कांगड़ा जिला के बैजनाथ में खंड चिकित्सा अधिकारी के तौर पर तैनात हैं।