अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जुम्महार से अगाहर तक बस सेवा शुरू न होने के चलते ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीण एक तरफ जहां भालू के आतंक से खौफजदा है तो वहीं प्रशासन की कार्यप्रणाली से भी नाराज हैं। वीरवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिला। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार आग्रह करने के बावजूद आज दिन तक न तो भालू को जंगल से भगाया गया है और ना ही जुम्महार से अगाहर मार्ग पर बस सेवा शुरू हो पाई है। इसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर भालू किसी व्यक्ति और मवेशियों को नुकसान पहुंचाता है तो इसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।
अश्वनी कुमार, दया कृष्ण, लेखराज, नरेश कुमार, राजेंद्र कुमार, बिट्टू, निधिया, जगता, दीनो, राजो, पिंकू, जगदीश, उमेश, महिंद्र, लेखराज, संजीव, सुरेश, भानो, ध्याना, रोहित, नवु और मनोज ने बताया कि अगाहर क्षेत्र में पिछले एक महीने से भालू का आतंक है। अगाहर मुहाल के बच्चे हर रोज चार किलोमीटर लंबे जंगली रास्ते से होकर जुम्महार पढ़ने के लिए जाते हैं। इसके लिए इन्हें सुबह घर से निकलना पड़ता है। ऐसे में भालू कभी भी बच्चों पर हमला कर सकता है। इस वजह से अभिभावक बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अगाहर के लिए वर्ष 2012 में सड़क का निर्माण हो चुका है। मगर बस सेवा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण घने जंगली रास्ते से लोगों को पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि जल्द मार्ग पर बस सेवा शुरू की जाए। साथ ही भालू को भगाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगेे।