दिनेश राणा, सलूणी (चंबा)। सलूणी उपमंडल के अधिकतर स्कूलों में अध्यापक ही तैनात नहीं हो पाए हैं। नेता, विधायक और विभाग, सरकार आश्वासन ही देते रहे कि जल्द स्कूलों में स्टाफ तैनात कर दिया जाएगा। पांच साल बीत गए लेकिन स्कूलों में रिक्त पदों को नहीं भरा गया। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
चुनाव के दौरान राजनीतिक दल शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन उसके बाद कुछ नहीं होता। स्कूल तो खोले जा रहे हैं लेकिन अध्यापक नहीं हैं। बच्चों की पढ़ाई राम भरोसे है। कई प्राथमिक पाठशालाएं बिना शिक्षक के चल रही है। डेपुटेशन पर अध्यापक बुलाए जा रहे हैं।
ऐसे में शिक्षा का स्तर कैसे उठेगा और बच्चे कैसे अव्वल आ पाएंगे, यह सोचनीय पहलू है। सलूणी उपमंडल में 4 प्राथमिक पाठशालाएं ढाई-तीन साल से बिना शिक्षकों के चल रही है। 17 प्राथमिक पाठशालाओं में मात्र एक-एक अध्यापक है। 5 प्राथमिक पाठशालाओं में मुख्याध्यापक नहीं है।
हांगुई, साहो, राख, सरोगा में अध्यापक ही नहीं
राजकीय प्राथमिक पाठशाला हांगुई, साहो, राख और सरोगा में बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी अध्यापक तैनात नहीं है। बच्चों को पढ़ाने के लिए डेपुटेशन पर अध्यापक बुलाए जा रहे हैं। प्रत्येक स्कूल में 30 से 40 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
इन पाठशालाओं में एक ही अध्यापक
राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवगाह, दलोई, जुवांस, दिगोड़ी, कुठेड़, कीनाला, जखराल, जखड़ी, खेड़ी, बिल्ला, सिसला, सिंगाधार, खैरला, थनेला, फैनी, घनेत्रा और नरोई में एक-एक अध्यापक ही है। इन स्कूलों में 35 से 40 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
पांच पाठशालाओं में मुख्याध्यापक ही नहीं
राजकीय प्राथमिक पाठशाला देवगाह, हुंडेरा, लुहाणी, कुठेड़ व जुुआंस में मुख्याध्यापक के पद खाली पड़े हैं। एक माह पहले मुख्याध्यापकों के तबादले हुए। उनके स्थान पर अभी तक कोई मुख्याध्यापक तैनात नहीं हुआ है।
शीघ्र होगी अध्यापकों की तैनाती
विधायक आशा कुमारी ने कहा कि जेबीटी प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जेबीटी को बिना अध्यापकों वाले स्कूलों में तैनात किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकाल में जिला व प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ा है।
सरकार ने गिराया शिक्षा का स्तर : चड्ढा
पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रेणु चड्ढा ने बताया कि सरकार की शिक्षा के प्रति कोई रुचि नहीं है। कांग्रेस सरकार ने ही शिक्षा का स्तर गिराया है। वाहवाही लूटने के लिए स्कूल खोल दिए लेकिन अध्यापक तैनात नहीं किए। भाजपा सरकार बनते ही स्कूलों में अध्यापक तैनात किए जाएंगे।
बच्चों की नहीं सोच रहे कोई : अभिभावक
अभिभावकों दिनेश कुमार, राजेश, दीप राज, कुलदीप, संजय कुमार, जोधा राम, जगदीश कुमार, वीरेंद्र, सुरेंद्र कुमार, लेख राज और देस राज ने बताया कि अध्यापकों की कमी से उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। परीक्षाएं आने वाली हैं और बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है। सरकार और विभाग बच्चों के भविष्य के लिए नहीं सोच रहे हैं।
निदेशालय को करवाया अवगत : बलजीत सिंह
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बलजीत सिंह ने बताया कि जिला में अध्यापकों की कमी चल रही है। निदेशालय को इसके बारे में अवगत करवा दिया है। अध्यापकों की भर्ती होने पर उपरोक्त स्कूलों मेें अध्यापक तैनात किए जाएंगे।