चंबा। परिवहन निगम की 88 बसें लोकसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए जाने वाले कर्मचारियों को लेकर जाएंगी।
इस कारण जिले में कई रूट प्रभावित होंगे। इनमें लंबी दूरी के साथ स्थानीय रूट भी शामिल हैं। इस कारण जिले भर में लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। एचआरटीसी की 88 बसें 30 मई से एक जून तक चुनाव ड्यूटी पर रहेंगी। लोगों की सुविधा के लिए तीन दिन तक ग्रामीणों और शहरी रूटों पर सरकारी बसें समयसारिणी में बदलाव के साथ चलाई जाएंगी।
बता दें कि चंबा डिपो में पहले से ही बसों की कमी चल रही है। विभिन्न रूटों पर जाने वाली परिवहन निगम की बसें रोजाना कहीं न कहीं खराब हो रही हैं। कुछ बसें मरम्मत के लिए इंतजार में खड़ी हैं। चुनाव ड्यूटी पर 88 एचआरटीसी बसों के जाने से परिवहन सेवाएं प्रभावित होंगी। लंबे रूट भी प्रभावित हो सकते हैं। परिवहन निगम के चंबा डिपो में कुल 150 बसें हैं। इनमें तीस बसें मरम्मत के लिए खड़ी हैं। 88 सरकारी बसें पोलिंग पार्टियां को लेकर जाएंगी। महज 32 एचआरटीसी बसें ही तीन दिन स्थानीय और लंबे रूटों पर दौड़ती नजर आएंगी। चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों, जवानों को लाने-ले जाने का जिम्मा इन बसों पर ही रहेगा। इसके लिए जिला निर्वाचन आयोग की ओर से एचआरटीसी प्रबंधन को निर्देश जारी किए गए हैं। बसों के चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए बुक होने से सवारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
उधर, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में एचआरटीसी की 88 बसें लगाई गई हैं। इस कारण लंबे और लोकल रूट प्रभावित हो सकते हैं। कुछ बसें लंबे रूटों की हैं। अन्य स्थानीय रूटों पर चलने वाली हैं। लोगों की सुविधा के लिए समयसारिणी आगे-पीछे की जाएगी। नौ बजे चलने वाली बस 10 बजे रवाना की जाएगी।