चंबा। जिला में येलो अलर्ट के दूसरे दिन बाद भले ही मौसम साफ हो गया है। मगर रविवार को भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। जिले में बीते दिन हुई बर्फबारी और बारिश के कारण 84 ट्रांसफार्मर बंद हो गए, जिससे सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे रहे। हालांकि, बिजली बंद होने की सूचना मिलने के बाद बोर्ड के कर्मी लाइनों को सुचारू करने के कार्य में डटे रहे।
उधर, जिला के तीन मार्गों पर दूसरे दिन भी यातायात व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई। इस कारण लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ीं। गौर रहे कि जिला में शनिवार को होने वाली मूसलाधार बारिश ने कहर ही बरपा कर रख दिया। भारी बारिश के चलते विकास खंड सलूणी के अधीन आने वाले परिक्षेत्र में 82 ट्रासंफार्मर बंद हो गए, वहीं, चंबा और भरमौर में भी एक-एक ट्रांसफार्मर बंद पड़ गए। अधिकांश जगहों पर बिजली के तार टूटने, कंडक्टरों के क्षतिग्रस्त होने और खंभों के गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
उधर, बारिश के बाद मौसम साफ होने पर सलूणी के तहत आते वांगल-मंढोह मार्ग, बाथरी-सुंडला-लंगेरा मार्ग पर 24 घंटों से यातायात व्यवस्था बंद रही। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची मशीनरी ने दोपहर बाद मार्गों को बहाल करवाया। वहीं, पीडब्ल्यूडी मंडल तीसा के तहत आते चंबा-चकलू मार्ग पर ल्हासा गिरने से वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई।
वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगने से क्षेत्र में दैनिक उपयोग की वस्तुएं, खाद्य सामग्री और अखबार तक नहीं पहुंच पाए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाया गया। वहीं, जनजातीय क्षेत्र भरमौर में भारी बारिश से एक पेयजल योजना प्रभावित होने से कई लोगों को पेयजल के लिए दर-दर भटना पड़ रहा है। हालांकि, विभागीय अधिकारी जल्द समस्या के समाधान की बात कह रहे हैं।
उधर, उपायुक्त चंबा दूनी चंद राणा ने कहा कि मूसलाधार बारिश के चलते पटरी से उतरी सेवाओं को बहाल करने में विभागीय टीमें जुटी है। जल्द व्यवस्थाएं बहाल होंगी।