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Chamba News: हाईवे समेत 82 सड़कें ठप, 2,000 गांवों में पसरा अंधेरा

Sun, 24 Aug 2025 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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लाहडू-नूरपुर मार्ग पर जमींदोज सड़क का हिस्सा।
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चंबा। रविवार अलसुबह से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 82 मार्गों पर यातायात ठप हो गया। भारी बारिश से बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। जिले में 409 ट्रांसफार्मर ठप पड़ने से करीब 2000 गांव अंधेरे में डूब गए। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण जिले की 36 पेयजल योजनाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत गहरा गई है। लोगों को मजबूरन दूर-दराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ा। जानकारी के अनुसार मूसलाधार बारिश के कारण भरमौर-पठानकोट हाईवे कलसुई, लूणा, द्रड्डा, चनेड़, बाथरी, केरू पहाड़, बनीखेत, लाहडू के समीप भारी भूस्खलन से यातायात के लिए बंद हो गया। इसके अलावा चंबा-खज्जियार वाया गेट मार्ग, चंबा-तीसा, तुन्नूहट्टी-लाहडू-चुवाड़ी मार्ग, शाहपुर-सिहुंता-लाहडू मार्ग, चंबा-सलूणी, चंबा-सलूणी-लंगेरा, तेलका-मंजीर, चंबा-रजेरा, चंबा-कीड़ी-लग्गा और चंबा-सिल्लाघ्राट मार्ग समेत अन्य मार्ग बंद रहे।लोग कई जगहों पर वाहनों को छोड़ अपने रिस्क पर पैदल ही आवाजाही करते नजर आए। वहीं, रावी नदी और अन्य नाले-खड्ढों का भारी जलप्रवाह के कारण रौद्र रूप देखने को मिला।
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फसलें तबाह, जमीन बही
भारी बारिश ने खेतों में मक्की की फसल और सेब के बगीचों में काफी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, दूसरी ओर भारी बारिश से भूस्खलन के कारण किसानों की उपजाऊ जमीनें भी भेंट चढ़ गईं। ऐसे में किसानों-बागवानों को आगामी भविष्य की चिंता सताने लगी है। किसानों-बागवानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा प्रदान करने को लेकर गुहार लगाई है।

लाहडू-नूरपुर मार्ग पर जमींदोज सड़क का हिस्सा।

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