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प्रशासनिक आदेशों को नहीं मान रहे भरमौर के कुछेक स्कूलों के अध्यापक

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शिक्षकों ने नहीं दिया नोटिस का जवाब, अब लटकी सस्पेंड होने की तलवार
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स्कूलों से अनुपस्थित रहने पर एसडीएम ने जारी किए थे कारण बताओ नोटिस
कबाइली क्षेत्रों में कई बच्चे नहीं जानते राज्यपाल का नाम
अमर उजाला ब्यूरो
भरमौर (चंबा)। कबायली क्षेत्र भरमौर के कई स्कूलों से नदारद रहने वाले अध्यापक प्रशासनिक आदेशों की भी अवहेलना कर रहे हैं। वहीं एसडीएम के जारी नोटिस का भी जवाब देने में आनाकानी कर रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि एक माह का समय बीत जाने के बाद भी ज्यादातर शिक्षकों ने स्कूल से अनुपस्थित रहने को लेकर जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब तक देना उचित नहीं समझा है। इसको देखते हुए अब प्रशासन ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
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एसडीएम के निरीक्षण में सामने आया है कि कबायली क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों के बच्चों में बौद्घिक स्तर काफी निम्न है। बच्चे से जमा और घटाव तक नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा राज्यपाल का नाम तक नहीं जानते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में बच्चों के ज्ञान का स्तर कितना है। इतना ही नहीं, बीते दिनों कबायली क्षेत्र भरमौर के स्कूल कुगति, सटली ,मांधा और तुंदाह में एडीएम भरमौर ने औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर शिक्षक गैर हाजिर पाए गए थे। इन शिक्षकों के स्कूल से नदारद रहने के बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस तक जारी किए गए। मगर इसका 30 दिन बीतने के बावजूद कोई जवाब नहीं आया है। एडीएम भरमौर पीपी सिंह का कहना है कि औचक निरीक्षण के दौरान गैर हाजिर शिक्षकों को डाक के माध्यम से कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं। इसके तहत उन्हें एक महीने में जवाब देना है। नोटिस भेजे एक माह का समय पूरा होने वाला है। मगर अध्यापकों का जबाव नहीं मिला है। अगर ऐसा हुआ तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया जा सकता है।
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