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जिले में खस्ताहाल एंबुलेंस वाहनों में ढोए जा रहे मरीज

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डेमो - फोटो : डेमो
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले में खस्ताहाल 108 एंबुलेंस वाहनों में मरीजों को अस्पताल से घर और घर से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इस संबंध में एंबुलेंस कई बार कंपनी प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवा चुके हैं। इसके बावजूद कंपनी इस संबंध में कोई कदम नहीं उठा रही है। इसका नतीजा यह है कि खस्ताहाल वाहनों में मरीजों की जान से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। चार दिन पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एंबुलेंस की खस्ताहालत के बारे में दी गई शिकायत पर समय रहते कोई कार्रवाई की गई होती, तो शायद साहो में दर्दनाक हादसा टल सकता था।

चंबा जिले में चलने वाली ज्यादातर 108 एंबुलेंसों की हालत खस्ता हो चुकी है। इसके बारे में एंबुुलेंस कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कंपनी को एक बार नहीं कई बार सूचित कर चुके हैं। मगर कोई भी एंबुलेंस की हालत को सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इसके परिणाम स्वरूप एंबुलेंस जगह-जगह खराब हो जाती है। वीरवार को भी साहो में खराब एंबुलेंस की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया। इसमें एक महिला की जान चली गई। साहो से मरीज लाने गई एंबुलेंस बस स्टैंड में बंद हो गई। जोकि स्टार्ट नहीं हो रही थी। जब चालक ने उतराई पर एंबुलेंस के गियर में स्टार्ट करने की कोशिश की। मगर एंबुलेंस न स्टार्ट हुई और ना ही ब्रेक लगी। इससे एंबुलेंस दुकान के भीतर घुस गई। जहां पर दुकानदारी कर रही महिला की मौत हो गई।
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जिले में मौजूदा समय में करीब बीस एंबुलेंस चल रही हैं। इनमें से दस एंबुलेंस ऐसी हैं। जिनकी हालत काफी खस्ता हो चुकी है। यह एंबुलेंस कहीं भी भी खराब हो जाती है। कई एंबुलेंस के टायर फटे हैं। तो कइयों के दरवाजे के लॉक और शीशे टूट चुके हैं। नियमित रूप से मरम्मत नहीं होने की वजह से एंबुलेंस वाहनों की हालत बदतर होती जा रही है। जो मरीजों और एंबुलेंस स्टाफ के लिए कभी भी घातक साबित हो सकती हैं। मरीजों को अस्पताल लाते समय एंबुलेंस चालक को भी पता नहीं होता कि कब एंबुुलेंस खराब हो जाएगी।

इन क्षेत्रों में खस्ताहालत में चल रही हैं एंबुलेंस
एंबुलेंस कर्मचारियों ने चार दिन पहले तीसा, सलूणी, चंबा, भरमौर, कलसूंई और साहो में खस्ताहालत में चल रही एंबुलेंस की लिखित सूची बनाकर सीएमओ चंबा को दी थी। इसके साथ ही एंबुलेंस को रिपेयर करवाने की मांग की थी। मगर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए।

एंबुलेंस की हालत सुधारने को लेकर कोई नहीं कर रहा गौर
एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिला कॉर्डिनेटर राहुज कर्ण और जिला कार्यकारिणी सदस्य लोकेश, धीरज, वीरेंद्र, प्रदीप और जतिन ने बताया कि वह एंबुलेंस की दयनीय स्थिति के बारे में कई बार स्वास्थ्य विभाग और कंपनी प्रबंधन को बता चुके हैं। मगर कोई भी उनकी बातों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
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108 एंबुलेंस का स्वास्थ्य विभाग नहीं करवा सकता रिपेयर: डॉ. वाईडी शर्मा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को 108 एंबुलेंस की स्वास्थ्य विभाग रिपेयर नहीं करवा सकता। क्योंकि इसे निजी कंपनी चला रही है। एंबुलेंस की खराब हालत के बारे में कर्मचारियों ने जो ज्ञापन सौंपा था। उसके बारे में प्रदेश सरकार को अवगत करवा दिया गया है।

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