चंबा। जिले में शुक्रवार को तीन दर्जन के करीब निजी बसें रूट पर नहीं चली। इसकी वजह से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी बस ऑपरेटरों ने बसों को तय रूटों पर भेजने की बजाए स्पेशल बुकिंग भर भेज दिया।
हैरानी इस बात की है कि इसके लिए परिवहन विभाग की मंजूरी तक नहीं ली। इसमें सिर्फ आधा दर्जन बस ऑपरेटरों ने ही स्पेशल बुकिंग के लिए विभाग से अनुमति ली। जबकि अन्य बस ऑपरेटरों ने गुपचुप तरीके से रूट रद्द करके स्पेशल बुकिंग ली। इससे निजी बस ऑपरेटरों की तो चांदी हो गई। मगर संबंधित क्षेत्र की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन रूटों पर नहीं चलीं बसें
जिले के डंडी, पणताह, लिग्गा, सुरंगानी, सिढ़कुंड, माणी, चलूंज, अथेड़, चांजू, भराड़ा, कोलका, हिमगिरी, करियां, संघणी, मैहला और सिल्लाघ्राट क्षेत्रों में जाने वाली ज्यादातर निजी बसें शुक्रवार को रूटों पर नहीं गई। बस ऑपरेटरों ने पैसे कमाने के चक्कर में बसों को स्पेशल बुकिंग पर भेज दिया। यह बसें विवाह शादी, मुंडन, जातर सहित अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग पर व्यस्त रहीं। जबकि संबंधित क्षेत्रों के लोग सड़क पर बस का इंतजार करते रहे। मगा कोई भी बस न आने से उन्हें पैदल ही आवाजाही करनी पड़ी।
स्थानीय निवासी राजेश कुमार, सुरेंद्र, मान सिंह, टेक चंद, योगराज, अभय कुमार, रवि कुमार, होशियारा राम, चतर सिंह, रूपलाल, देवी प्रसाद, सोभिया राम और अमर चंद ने बताया कि क्षेत्रों में ज्यादातर निजी बसें शुक्रवार को नहीं चलीं। यात्रियों को निजी वाहन या पैदल ही सफर तय करना पड़ा। उन्होंने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि रूट पर नियमित रूप से नहीं जाने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
ऑपरेटरों पर होगी कार्रवाई : ओंकार सिंह
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि उनके पास आधा दर्जन के करीब बस ऑपरेटरों ने स्पेशल बुकिंग के लिए आवेदन किया है। उसके अलावा किसी ऑपरेटरों ने तय रूट पर बस नहीं भेजी है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्पेशल बुकिंग से ज्यादा रूट पर बस भेजना जरूरी है।