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सरकार किसी की भी बने, सरकार में हो हमारा विधायक

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महासंग्राम 2017, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव - फोटो : SELF
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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। आगामी विधानसभा चुनावों में मतदान के बाद अब चर्चाओं का बाजार गर्म है। खासकर मतदाता चर्चाओं में स्पष्ट कह रहे हैं कि सरकार जिसकी की भी बने। मगर उनके विस क्षेत्र का विधायक विपक्ष के बजाय सरकार में होना चाहिए। मतदान प्रक्रिया नौ नवंबर को पूरी हो चुकी है। चुनावी समर में कूदे प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम मशीन में कैद है। जिस बेसब्री से प्रत्याशियों को 18 दिसंबर का इंतजार है उतना मतदाता को भी। मतदान प्रक्रिया के बाद इस बार परिणाम करीब 39 दिन के बाद घोषित होगा। ऐसे में गांव से लेकर शहर के चौराहों पर चुनावी चौपालें सज रहीं हैं। इस मौके पर मतदाता अपने-अपने प्रत्याशियों के जीत के मार्जन को लेकर भी जमकर चर्चा कर रहे हैं। चुनावी चौपाल में लोग ज्यादातर इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे है कि उनका विधायक सरकार में हो। विपक्ष में नहीं होना चाहिए। सरकार में शामिल विधायक से वे विकास करवाने की बात को रख सकते हैं। मतदाता रमेश कुमार, राज सिंह, परमेश कुमार, देविंद्र सिंह, अजय कुमार और राकेश कुमार का कहना है कि सरकार जिसकी भी बने, विधायक सरकार में होना चाहिए। उनके मुताबिक विपक्ष में विधायक होने से विकास की रफ्तार नहीं बढ़ती।
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2012 में जिला के तीन विधायक विपक्ष में
वर्ष 2012 में कांग्रेस की सरकार बनी। मगर चंबा सदर से भाजपा प्रत्याशी बीके चौहान, भटियात से विक्रम सिंह जरियाल और चुराह विस क्षेत्र से हंस राजजीते। यह तीनों विधायक पांच साल तक विपक्ष में रहे। इससे लोगों को क्षेत्र का विकास न होने की टीस भी है।
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