बिजली बोर्ड में कर्मचारियों के कई पद खाली, उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
दूरदराज के क्षेत्र में बिजली गुल होने पर समय पर बहाल नहीं होती आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। विद्युत उपमंडल चंबा-द्वितीय के साहो सेक्शन के अधीन आने वाले परिक्षेत्र में स्थापित 65 ट्रांसफार्मरों का जिम्मा एएलएम समेत तीन कर्मियों के कंधों पर है। इतना ही नहीं, यहां पर कनिष्ठ अभियंता को कार्यभार भी डेपुटेशन पर सौंपा गया है। परिक्षेत्र के 240 किलोमीटर एलटी लाइन, 160 किलोमीटर एचटी लाइन समेत 11 पंचायतों में विद्युत व्यवस्था को सुचारु रखने का जिम्मा भी इन कर्मियों पर है। ऐसे में दूरदराज के गांवों में विद्युत सप्लाई बाधित होने पर उसे समयानुसार सुचारू न होने से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। हालांकि, साहो क्षेत्र के अधीन, लाइनमैन, फाेरमैन और हेल्परों के अमूमन 25 के पद स्वीकृत हैं। बावजूद इसके विद्युत बोर्ड प्रबंधन की ओर से अभी तक रिक्त पदों को भरने के लिए जहमत तक नहीं उठाई है।
ग्राम पंचायत साहो, परौथा, अठलुई, कुठेड, गुवाड़, कीड़ी, पल्यूर, पद्दर, गुवाड़, सराहण, रजिंडू समेत आस-पास के अधीन आने वाले परिक्षेत्रों में विद्युत सप्लाई को सुचारु रखना विद्युत बोर्ड प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। आलम, यह है कि क्षेत्र के 65 ट्रांसफार्मरों के अधीन आने वाले गांवों में विद्युत सप्लाई के गुल हो जाने पर ग्रामीणों को कई बार मजबूरन दो से अधिक दिन तक बिना बिजली के ही रहना पड़ रहा है। इस कारण कई बार उन्हें अपने मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए दूसरी पंचायतों का रुख करना पड़ता है।
ग्रामीणों में कमलेश कुमार, अजीत कुमार, नरैण सिंह, योगराज, प्रताप चंद, अशोक कुमार, नरेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश या अंधड़ चलने पर बिजली गुल हो जाती है। बताया कि गांवों में एक बार बिजली गुल हो जाने पर वे कब सुचारू होगी इस बारे कुछ कहा नहीं जाता है। बोर्ड प्रबंधन को अधिक से अधिक कर्मचारियों की तैनाती करनी चाहिए। जिससे विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिलों की अदायगी करने के बाद भी अंधेरे में रातें काटने से छुटकारा मिल सके।
विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राजीव ठाकुर ने बताया कि रिक्त पदों को लेकर बोर्ड के उच्चाधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया जाता है। बताया कि सरकार रिक्त पदों को भरने के लिए आदेश करेगी। उसके बाद ही रिक्त पद भरे जा सकेंगे।