अमर उजाला ब्यूरो
पांगी(चंबा)। रिकॉर्डतोड़ हिमपात के बाद पांगी घाटी में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार को यहां उड़ान का शेड्यूल था। लेकिन अचानक मौसम खराब होने के कारण उड़ान नहीं हो पाई। मसलन सिविल अस्पताल किलाड़ से रेफर किए गए मरीज चंबा नहीं पहुंच पाए। सिविल अस्पताल से मरीजों को पीठ पर उठाकर तीमारदार हेलीपैड लेकर आए थे। वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारी से ग्रसित बुजुर्ग नंदलाल को परिजन 29 किलोमीटर पीठ पर उठाकर किलाड़ अस्पताल पहुंचे। लेकिन उड़ान होने के कारण इन मरीजों को दोबारा सिविल अस्पताल किलाड़ में ही उपचाराधीन किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पांगी घाटी स्थित किलाड़ अस्पताल में उपचाराधीन करीब 15 मरीजों को मेडिकल कॉलेज चंबा या फिर भुंतर के लिए रेफर किया गया था। मंगलवार को उड़ान का शेड्यूल भी तय हुआ। उड़ान का रूट भुंतर से अजोग, अजोग से भुंतर, भुतंर से किलाड़, किलाड़ से चंबा निर्धारित था। लेकिन रूट के मुताबिक उड़ान नहीं हो पाई। भुंतर से अजोग के लिए हेलीकॉप्टर तो उड़ा लेकिन अजोग के दो यात्री को उतारकर अन्य 16 यात्रियों सहित वापिस भुंतर चला गया। मौसम खराब होने की वजह से दोबारा उड़ान नहीं हुई। इस कारण किलाड़ हेलीपैड में हेलीकॉप्टर का इंतजार कर रहे मरीज फंस गए। स्थिति ऐसी बन गई कि मरीजों को दोबारा सिविल अस्पताल किलाड़ में ही दाखिल करना पड़ा।
जानकारी अनुसार सांस की बीमारी से ग्रसित शांति देवी, वैरी सोला बीमार से ग्रसित फिंडरू गांव निवासी नंद नाल फिंडरू को भी चंबा के लिए रैफर किया गया था। इसके अलावा एक गर्भवती महिला को भी पांगी से बाहर भेजाना था लेकिन उड़ान न होने के कारण इन्हें किलाड़ अस्पताल में उपचाराधीन किया गया। एसडीएम चंबा बी भारती ने बताया कि हवाई उड़ान का रूट तय था। लेकिन मौसम खराब होने के कारण रूट पर नहीं हो पाया है। कहा कि इस बारे उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। कहा कि जैसे ही मौसम साफ होता है तो मरीजों को सबसे पहले भेजा जाएगा।
किलाड़ अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ अजय शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से 15 मरीजों को चंबा व भुंतन के लिए रैफर किया गया। इनमें से तीन मरीज सीरियस थे। उड़ान न होने के कारण इन मरीजों को किलाड़ अस्पताल में ही उपचार दिया जा रहा है।