चंबा। चाहला-पंजोह सड़क को चौड़ा करने के नाम पर वन संपदा को तबाह किया जा रहा है। जो ठेकेदार सड़क को चौड़ा करने का काम कर रहा है, वह कई पेड़ों को बिना अनुमति काट कर मलबे में दफन कर चुका है। हैरानी इस बात की है कि वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच रहा है। ऐसा लग रहा है कि वन विभाग भी इसके बारे में मूक दर्शक ही बना बैठा है। ठेकेदार सड़क कटिंग से निकलने वाले मलबे और पत्थर डंपिंग साइट में फेंक कर सड़क से नीचे फेंक रहा है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। क्योंकि जहां से पत्थर और मलबा फेंका जा रहा है। उसके ठीक नीचे चंबा-पठानकोट हाईवे और चाहला गांव है लेकिन ठेकेदार को इस बात से कोई भी लेना-देना नहीं है।
सड़क के नीचे फेंके जा रहे मलबे में कई छोटे पेड़ पौधे और जंगली झाड़ियां दफन हो चुकी हैं। सड़क चौड़ाई में जो पेड़ कटने थे, उन्हें निगम द्वारा काटा जा रहा है। लेकिन उसके अलावा भी ठेकेदार मनमर्जी करते हुए सड़क किनारे लगे पेड़ों को अंधाधुंध काट रहा है। सड़क की कटाई करने वाली एलएनटी मशीन का पंजा एक ही झटके में बड़े से बड़े पेड़ को जमीन पर गिरा देता है। इसके बाद पेड़ को सड़क के मलबे के नीचे दबा दिया जा रहा है। मुख्य वन अरण्यपाल ओपी सोलंकी ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। इसकी जांच को लेकर वह डीएफओ डलहौजी को निर्देश देंगे। मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। खामी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।