चंबा। चंबा शहर के साथ लगते मुगला मोहल्ला के लोग बंदरों के आतंक से परेेेशान हैं। हालत यह है कि बंदरों के झुंड शाम होते ही लोगों के घरों की छतों में पहुंच जाते हैं। इस दौरान वह छत पर रखे सामान के साथ तोड़फोड़ करते हैं। बंदरों से शहरवासियों को छोटे बच्चों की चिंता सता रही है। बंदरों के झुंड कभी भी छोटे बच्चों पर झपट सकते हैं। लोगों ने बंदरों को आबादी वाले ईलाके से बाहर खदेड़ना की जरूरत है। स्थानीय निवासी शम्मी कुमार, राकेश कुमार, अजय कुमार, धर्मपाल, नरैैण सिंह, वीरू और राज कुमार ने बताया कि मुगला में दिनप्रतिदिन बंदरों की संख्या में बढ़ती जा रही है।
ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन बंदरों की संख्या इतनी ज्यादा हो जाएगी कि उन्हें रोक पाना मुश्किल हो जाएगा। इसको देखते हुए प्रशासन और वन विभाग को समय रहते लोगों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की योजना बनानी होगी। लोगों ने बताया कि घरों की छतों पर स्थापित पानी की टंकियों के ढक्कन खोलकर बंदर उसके अंदर मुंह मारते रहते हैं। इसकी वजह से पीने का पानी दूषित हो जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की कि बंदरों के झुंड का पकड़कर आबादी वाले इलाके से बाहर छोड़ा जाए।