चंबा। खुले में कूड़ा फेंकने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद चंबा को नोटिस जारी किया है। जबकि संबंधित ठेकेदार को पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इस नोटिस का जवाब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को 15 दिनों के भीतर देना होगा। अन्यथा उनके खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद चंबा के पास कूड़े का निष्पादन करने के लिए कूड़ा संयंत्र की कोई सुविधा नहीं है। इस वजह से ठेकेदार गाड़ियों में कूड़ा भरकर खुले में फेंक रहे हैं। इसे या तो रावी नदी में ठिकाने लगाया जाता है या फिर पहाड़ियों में फेेेंक दिया जाता है।
रावी नदी में कूड़ा फेंकते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक ठेकेदार को भी पकड़ा है। उसे पांच हजार रुपये जुर्माना ठोंका गया है। मगर जुर्माने के बाद भी ठेकेदार खुले में कूड़ा फेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण नगर परिषद की अनदेखी माना जा रहा है। क्योंकि नगर परिषद कूड़ा निष्पादन के लिए अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाई है। करांह में स्थित कूड़ा संयंत्र कई सालों से बंद पड़ा है। इसे दोबारा शुरू करने को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जाहिर की है। इसके अलावा दूसरे स्थानों में कूड़ा संयंत्र के लिए जगह का चयन नहीं किया गया है। नगर परिषद इस मसले को लेकर गंभीर नहीं है। हैरानी की बात है कि जिला प्रशासन भी इस मसले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रशासन दस लाख रुपये देने वाला प्रशासन शहर के लिए कूड़ा संयंत्र की व्यवस्था करने में नाकाम साबित हो रहा है।
नप के कार्यकारी अधिकारी को भेजा नोटिस : प्रवीण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता प्रवीण धीमान ने बताया कि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के मुताबिक 15 दिनों के भीतर अधिकारी को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि खुले में या रावी नदी में कूड़ा फेंकने वाले ठेकेदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।