चंबा। ग्राम पंचायत रजेरा के आधा दर्जन गांवों के लोगों को इन दिनों भालू के खौफ में जीना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि गांव में कई मवेशी भालू का शिकार बन चुके हैं। भालू गांव के लोगों पर भी झपट रहा है। अगर समय रहते भालू को रिहायशी बस्ती से दूर नहीं किया गया तो जानमाल का नुकसान हो सकता है। क्षेत्र के संगेड, थलोल, बडूणा, ककला, कपाडू और हडाहर गांव के लोग भालू की मौजूदगी से बुरी तरह से सहमे हुए हैं।
ग्रामीण बजर सिंह, भिंद्र सिंह, कैलाशो राम, पूजा देवी, चंपो देवी, कश्मीर सिंह, हेमराज, जमीतो राम, भूरी सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि रविवार को काका राम निवासी संगेड की दो खच्चरें गांव के साथ पहाड़ी में घास चर रही थी। इसमें एक खच्चर को भालू ने शिकार बना लिया। जबकि दूसरी खच्चर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
उन्होंने बताया कि सोमवार को महिलाएं मवेशियों के चारे के लिए गांव के पास पहाड़ में घास काट रही थी। इसी दौरान अचानक उनके ऊपर भालू ने हमला कर दिया। महिलाएं जोर-जोर से चिल्लाने लगी। एक महिला ने अपना दुपट्टा भालू के मुंह पर डाल दिया। इस वजह से भालू महिला को नहीं पकड़ पाया। साथ ही महिलाएं खुद को भालू के चुंगल से बचाने को कामयाब रही। उन्होंने इसके बारे में संबंधित वन रक्षक को जानकारी दे दी है। साथ ही विभाग से भालू की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
भालू को रिहायशी बस्ती से दूर किया जाएगा : डीएफओ
डीएफओ चंबा संजीव शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। गांव के साथ लगते जंगल में भालू देखा गया है। जल्द भालू को रिहायशी बस्ती से दूर करने की व्यवस्था की जाएगी।