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चंबा अस्पताल में कूल्हे की हड्डी का पहला सफल ऑपरेशन

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doctor - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज बाइक दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए वरदान साबित हुआ है। चंबा में पहली बाहर कूल्हे की हड्डी का सफल ऑपरेशन हुआ। यह जटिल ऑपरेशन करीब तीन घंटे तक चला। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. तोशिफ बट्ट और डॉ. लक्की वर्मा ने मरीज के कूल्हे की फ्रैक्चर हड्डी का सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन को सफल बनाने में एनेस्थीसिया डॉ. केके भनोत्रा और डॉ. सुनील ने भी अहम भूमिका निभाई।

चंबा में कूल्हे की हड्डी के ऑपरेशन संबंधी मरीज को पहले पीजीआई रेफर किया जाता था। मगर अब मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद मरीजों को यह सुविधा चंबा में ही मिलेगी। सबसे बड़ी बात मरीज को ऑपरेशन के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। स्मार्ट कार्ड के पर ही उसका पूरा इलाज हुआ। जबकि निजी अस्पताल में इस ऑपरेशन के लिए उसे दो से ढाई लाख रुपये खर्च करने पड़ते। वहीं ऑपरेशन के तीन दिन बाद मरीज ने चलना शुरू कर दिया।
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जानकारी के अनुसार सड़क पर बाइक की चपेट में आने से एक व्यक्ति के सीधे कूल्हे की हड्डी फ्रेक्चर हो गई। इससे वह चलने फिरने में असमर्थ हो गया था। परिजन उसे इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ ने उसकी जांच की।

पहले उसका सीटी स्कैन करवाया गया। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में पता चला कि उसके कूल्हे की हड्डी टूट चुकी है। ऐसे में उसका ऑपरेशन होना अनिवार्य है। डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी से इस बारे में चर्चा की। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि मरीज का अस्पताल में ही ऑपरेशन किया जाए। इसमें जिस किसी चीज की जरूरत पड़ती है उसे अस्पताल की ओर से मुहैया करवाया जाएगा। इसके आधार पर ही डॉक्टर ऑपरेशन को करने में कामयाब हो पाए।
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बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं : डॉ. ओहरी
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एक मरीज के कूल्हे की हड्डी का सफल ऑपरेशन किया गया है। जिले को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन प्रयास कर रहा है। इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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