सरोल (चंबा)। एक महीने से जल संकट से जूझ रहे कोटला गांव के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि गांव में लोगों को पेयजल की आपूर्र्ति के लिए हैंडपंप से टुल्लू पंप के जरिये मात्र दो-तीन घरों को ही पानी की सप्लाई प्रदान की जा रही है। जबकि गांव के अन्य करीब दर्जन भर परिवारों को पानी लाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। बुधवार को पेयजल की आपूर्ति न होने के मामले को लेकर ग्रामीण तलख हो गए। ऐसे में आईपीएच विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचें।
उन्होंने लोगों की समस्या को सुनने के बाद कोटला में हैंडपंप लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बारे में चार शिकायतें स्थानीय लोगों ने करवाई है। मगर आईपीएच विभाग के अधिकारी शिकायतें न मिलने की बात कह रहे हैं।
गांव में हालात ऐसे है कि पानी के लिए उन्हें कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि 15 दिन पहले विभाग ने घोल्टी गांव के समीप हैंडपंप में मोटर लगाई गई थी। इससे मात्र दो-तीन घरों तक ही पानी की आपूर्ति हो रही। मगर सौ मीटर की दूरी पर स्थित अन्य घरों को पानी नहीं मिल रहा है। जहां पर एक माह से पानी नहीं आ रहा है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह उठ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग समस्या का समाधान करने में मुस्तैदी नहीं दिखा रहा है।
ग्रामीण राजेंद्र कुमार, रोहित कुमार, पवन कुमार, हितेश, रवि प्रकाश, जय प्रकाश, विपिन प्रकाश, दीपक कुमार, अमृत कुमार, सुशील कुमार और परमेश्वर कुमार का कहना है कि घर में पानी के कनेक्शन होने के बावजूद उन्हें हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है।
कई बार लिखित शिकायत करने के बावजूद आईपीएच विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि दो दिन के भीतर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वह सड़क पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता हरमिंद्र चौणा का कहना है कि इस बारे उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। लोगों की समस्या सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।