चंबा। वन मंडल पांगी की 16 नर्सरियों को संवारने वाले 45 वर्करों को इस साल वेतन नसीब नहीं हो पाया। इन वर्करों ने नर्सरी में विभिन्न प्रजाति के पौधों को पूरी मेहनत से तैयार किया। इससे आने वाले समय में सरकार का रेवन्यू भी बढ़ेगा।
ये वर्कर और उनके परिजन रोजाना वेतन लेने के लिए डीएफओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। जहां पर अधिकारी चाहकर भी उनकी मदद नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें देने के लिए सरकार ने अभी तक विभाग को बजट ही जारी नहीं किया है। ऐसे में जहां दुनिया नए साल का जश्न मना रही है तो वहीं ये वर्कर अपने भविष्य और घर के चूल्हे को जलाने की चिंता में डूबे हैं। उनके घरों में नए साल को लेकर भी कोई खुशी का माहौल नहीं है। इन वर्करों को यही चिंता सता रही है कि यदि जल्द ही उनके पैसे नहीं मिले तो वे अपने बच्चों की फीस कैसे चुकाएंगे। उन्हें 9000 रुपये प्रति महीना वेतन तय हुआ था। उधर, वन मंडल अधिकारी पांगी रवि गुलेरिया ने बताया कि सरकार को इन वर्करों की समस्या से अवगत करवा दिया गया है। बजट मिलने पर उनके वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।