चंबा। जिले में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से नेशनल हाईवे पर मिट्टी आने से कई जगह दलदल बन गया। केरू पहाड़ के पास लगातार भूस्खलन सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। इस वजह से वाहनों की कतार लग गई है। हाईवे बंद होने से सैकड़ों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले में मूसलाधार बारिश से 43 सड़कें बाधित रहीं।
इस वजह से हजारों लोग सड़कों पर फंसे रहे। हालांकि लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने कड़ी मशक्कत के बाद ज्यादातर सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। मगर इसके बावजूद बारिश से लोग दिन भर दिक्कतों से जूझते रहे। सड़कें बाधित होने से सरकारी कर्मचारियों समेत अन्य लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी और वह देरी से गंतव्य तक पहुंचे।
तीसा लोनिवि मंडल के तहत चंबा-तीसा मुख्य मार्ग मंजूधार के पास पहाड़ी दरकने से मार्ग बाधित रहा। इसके अतिरिक्त मंडल आधा दर्जन सड़कें बाधित रहीं। जबकि लोनिवि मंडल चंबा के तहत चंबा-खज्जियार मार्ग खज्जियार की ओर पहाड़ी दरकने से कई बार बाधित हुआ।
इस वजह से यहां से आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसके अलावा सुंडला-घरजिंडू मार्ग तेलका से आगे, बासका मार्ग, कुंड-प्रतियूमा सहित दो दर्जन सड़कों भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
इनसेट
एनएच मंडल चंबा के सहायक अभियंता कनव बड़ोतरा ने बताया कि भरमौर-पठानकोट मार्ग केरू पहाड़ के पास बार-बार ल्हासा गिरने से यातायात के लिए बाधित होता रहा। प्रबंधन ने पहले से ही निर्धारित जगहों मशीनरी और मजदूरों को तैनात कर रखा था। एनएच को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है।