चंबा। सीटू ने बुधवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। माकपा राज्य कमेटी सदस्य सुदेश ठाकुर ने बताया कि हिमाचल में सेब की अर्थव्यवस्था को स्कैब ने पूरी तरह से तबाह कर दिया है। जिले में मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। यह राजनीति का शिकार हो रहा है। चंबा में सड़कों की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है।
जिले के सभी सिविल अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन की व्यवस्था नहीं है। इस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया तो कम्युनिस्ट पार्टी पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।
भारत कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की जिला कमेटी के सचिव नरेंद्र ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में जब कोरोना महामारी पूरे देश में बढ़ रही है। भाजपा सरकार सत्ता में आने से अभी तक 50 प्रतिशत बस किराया बढ़ा चुकी है। लोगों के पास कोई भी रोजगार नहीं है, ऐसे में प्रदेश सरकार का यह कदम निराशाजनक है।
आज के समय में लोग रोजगार खो चुके हैं सरकार को चाहिए कि मनरेगा जैसी रोजगार सृजन करने वाली योजनाओं को मजबूत करना चाहिए। मगर सरकार अपनी धुन में मस्त है । आयकर दायरे से बाहर सभी परिवारों को 7500 रुपये अगले 6 माह तक दिया जाए। सरकार को चाहिए कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। इसके अलावा कोरोना अस्पताल और कोविड टेस्ट की व्यवस्था की जाए।