अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बनने वाले बच्चों के आधार कार्ड में गलतियां सामने आ रही है। इस वजह से अभिभावकों को बच्चों के आधार कार्ड कई बार अपडेट करवाने पड़ रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के आधार कार्ड बनाती हैं। मगर उनके बनाए जा रहे आधार कार्ड में कई तरह की गलतियां सामने आ रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आधार कार्ड बनवाने के लिए टैब दिए गए हैं। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में बनने वाले 70 प्रतिशत आधार कार्डों में गलतियां पाई जा रही हैं। जबकि तीस प्रतिशत आधार कार्ड ही आंगनबाड़ी केंद्रों में सही बन पाए जा रहे हैं। आधार कार्ड बनने के बाद अभिभावकों को जिला मुख्यालय में जाकर बच्चों के आधार कार्ड की गलतियों को ठीक करवाना पड़ा।
इसकी वजह से अभिभावक परेशान हैं। जिले में 300 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां पर पांच वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के आधार कार्ड आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनाती हैं। लेकिन इन आधार कार्डों में जन्म तिथि, माता का निवास स्थान समेत अन्य गलतियां देखने को मिल रही हैं। इन गलतियों को ठीक करवाने के लिए अभिभावकों को अपने छोटे बच्चों को साथ लेकर जिला मुख्यालय में संचालित परमानेंट एनरोलमेंट सेंटर में आधार कार्ड अपडेट करवाने पड़ रहे हैं। इससे इस बात का पता चलता है कि विभाग बेशक ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आधार कार्ड बनाने के लिए टैब दे रहा है। मगर आधार कार्ड बनाने की पूरी ट्रेनिंग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं दी जा रही है। इसकी वजह से बच्चों के आधार कार्ड में गड़बड़ी पाई जा रही है।
इन वजह से कई बच्चों को बेटी है अनमोल समेत अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। परमानेंट एनरोलमेंट सेंटर चंबा के संचालक सुमित कुमार ने बताया कि सेंटर में आधार कार्ड बनाने के लिए तीन मशीनें लगाई गई हैं। इनमें रोजाना 120 के करीब आधार कार्ड बनते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत आधार कार्ड अपडेट करने वाले होते हैं। मात्र तीस प्रतिशत ही नए आधार कार्ड बनाए जाते हैं। अपडेट करवाने वाले आधार कार्डों में छोटे बच्चों के आधार कार्ड शामिल हैं।