तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत कल्हेल के गांव नैला में पानी के लिए एक सप्ताह से हाहाकार मचा हुआ है। गांव में पानी की आपूर्ति एक सप्ताह से बाधित होने से गांव के बाशिंदों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में किस फीटर की तैनाती की गई है, इस बारे में भी वह अनभिज्ञ है। इसका मुख्य कारण फीटर का गांव में पेयजल की समस्या का समाधान करने के लिए न पहुंचना है। ग्रामीणों की मानें तो कई बार विभागीय अधिकारियों से पेयजल की आपूर्ति बंद होने के बारे में अवगत करवाया है।
बावजूद इसके समस्या अभी तक बरकरार है। नतीजतन, लोगों को दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। इस कारण उनकी परेशानियां बढ़कर रह गई है। गौरतलब हो कि नैला गांव में अक्सर पानी की आपूर्ति बाधित रहती है। हालांकि, बीते समय में बंद पड़ी पेयजल की सप्लाई को ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही ठीक करवा दिया था। मगर अब एक मर्तबा फिर से गांव में एक सप्ताह से पानी की आपूर्ति बाधित है। पानी की आपूर्ति के बंद होने से ग्रामीणों को प्राकृतिक स्रोत से ही पानी भरकर लाना पड़ रहा है।
नतीजतन, घर के एक सदस्य का पूरा समय पानी ढोने में ही बीत जाता है। ग्रामीण रसीद मोहम्मद, प्यारो, मोहम्मद रफी, गुलाम कादिर, नूसा, मकसूद, चुहडू, रमजान और अब्दुल फारूख ने बताया कि गांवों में एक सप्ताह से पानी की एक भी बूंद नलों से नहीं टपक रही है। पानी की आपूर्ति बंद होने बारे के विभागीय अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके समस्या बरकरार है। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता से मांग की कि प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाया जाए। इससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता हेमंत पुरी कि उनके पास इस बारे में कोई भी शिकायत नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बात है तो प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान किया जाएगा