चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में किडनी के मरीजों को एक महीने में डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। अब किडनी के मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। चंबा मेडिकल कॉलेज में ही सिर्फ 1098 रुपये में उनका डायलिसिस हो पाएगा। इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन और संबंधित कंपनी के साथ एग्रीमेंट साइन हो चुका है। डायलिसिस सेंटर खोलने को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। सरकार ने डायलिसिस आउटसोर्स पर निजी कंपनी को दी है। मगर डायलिसिस की दरें सरकार की ओर से तय की गई है। मेडिकल कॉलेज चंबा की चौथी मंजिल में डायलिसिस मशीनों को स्थापित करने की व्यवस्था की गई है। इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन ने पूरे इंतजाम कर लिए हैं। डायलिसिस शुरू करने को लेकर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा लंबे समय से प्रयासरत थे। उनके प्रयासों से ही चंबावासियों को यह सुविधा मिल रही है।
चंबा में कंपनी छह डायलिसिस मशीनें स्थापित करने का फैसला लिया है। मगर मेडिकल कॉलेज में जगह की कमी होने के कारण फिलहाल चार मशीनों को ही लगाया जाएगा। अन्य दो मशीनों को बाद में स्थापित किया जाएगा। डायलिसिस मशीनें स्थापित होने के बाद जिले के किडनी रोगियों को डायलिसिस करवाने के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। चंबा मेडिकल कॉलेज में ही उनका डायलिसिस होगा। चंबा में कई ऐसे किडनी रोगी हैं जोकि डायलिसिस करवाने को हर माह पीजीआई और टांडा जाते हैं। इस दौरान मरीज और तीमारदारों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में चंबा में डायलिसिस शुरू होने से जिले के किडनी रोगियों को काफी राहत मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन ने डायलिसिस मशीन स्थापित करने को लेकर अस्पताल की चौथी मंजिल में जगह को चयनित किया गया है। यहां पर ही मशीनों के स्थापित किया जाएगा। एक माह के भीतर डायलिसिस सेवाएं चंबा के अंदर शुरू हो जाएंगी।
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प्राइवेट पर डायलिसिस देने पड़ते हैं पांच से दस हजार
प्राइवेट स्वास्थ्य संस्थानों में किडनी रोगियों को डायलिसिस करवाने के लिए पांच से दस हजार रुपये देने पड़ रहे हैं। पीजीआई या टांडा जाने के लिए मरीजों को टैक्सी का किराया खर्च करना पड़ता है। क्योंकि उन्हें एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाती। किडनी रोगी बस में सफर नहीं कर पाते हैं। इसलिए मजबूरन उन्हें टैक्सी का किराया खर्च करना पड़ता है।
एक माह में शुरू होगी डायलिसिस सेवा : डॉ. विनोद शर्मा
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एक माह के भीतर डायलिसिस सेवा शुरू हो जाएगी। इसको लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएगी। अस्पताल की चौथी मंजिल में चार मशीनें लगाई जाएंगी। दो मशीनें अस्पताल में बाद में स्थापित की जाएंगी।