तीसा (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में विद्यार्थियों का आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। हालांकि अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि इनकी सुध लेने नही पहुंचा। इसको लेकर अभिभावकों और छात्रों में भारी रोष है। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुनीता देवी ने बताया कि सोमवार को विद्यार्थियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने और जानने आया था कि शिक्षा विभाग से और सरकार की और से शिक्षकों के खाली पद को भरने संबधित कोई जानकारी आई है या नहीं। इसके बाद वो यह कहते हुए लौट गए कि जब तक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती वह विद्यालय में नही आएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो वो इस आंदोलन को और भी उग्र रूप देंगे।
गौरतलब हो कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में वर्ष 2017 में जमा एक का एक बैच बिना शिक्षकों के ही निकल गया है। ऐसे में वर्तमान समय में विद्यालय में शिक्षारत 250 के बच्चों को अध्यापकों के न होने की सूरत में परेशानियों का ही सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते बीते दिनों बच्चों ने पहले मिड-डे मील खाने से मना कर दिया है। इसके अगले ही दिन बच्चों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष डील राम डोगरा के साथ मिलकर बच्चों की समझाने और विद्यालय लौटने के लिए काफी प्रयत्न किए। मगर विद्यार्थी मांग पर अडिग हैं।
बच्चे एक ही मांग कर रहे हैं कि उनके स्कूल में अध्यापकों के खाली पद तुरंत भरे जाएं। ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। हालांकि इसको लेकर सरकार और विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। चुराह विस क्षेत्र से संबंध रखने वाले विस उपाध्यक्ष हंसराज भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। चुराह विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने बताया कि वह तीन-चार दिनों के भीतर चुराह पहुंच रहे हैं। इसके बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। जबकि कार्यवाहक उच्च शिक्षा उपनिदेशक अशोक धीमान ने बताया कि विद्यालय में खाली पड़े हुए पदों को शिक्षा विभाग के आलाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।