भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा के लिए हेली टैक्सी की उम्मीद लेकर भरमौर हेलीपैड पहुंचे 40 श्रद्धालुओं को मंगलवार को निराश होकर लौटना पड़ा।
प्रशासन ने 25 अगस्त से हेली टैक्सी सेवा शुरू होने की बात कही थी, लेकिन डीजीसीए से तकनीकी मंजूरी नहीं मिलने के कारण पहले दिन एक भी उड़ान नहीं हो सकी। हेलीपैड पर श्रद्धालुओं और कंपनी कर्मचारियों के बीच काफी देर तक बहसबाजी भी हुई।
श्रद्धालुओं के हेलीपैड पहुंचने पर हेली टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि अभी तक केंद्र से डीजीसीए की तकनीकी मंजूरी नहीं मिली है। इसके चलते हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सकता।
बाद में नागरिक उपमंडल अधिकारी अजय कुमार हेलीपैड पहुंचे और श्रद्धालुओं को स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने कंपनी अधिकारियों को जल्द औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए।
डीजीसीए की ओर से हेलीपैड की जमीनी सुरक्षा, मौसम की स्थिति और हेलिकॉप्टर से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद अंतिम मंजूरी दी जाती है। सुरक्षा मानकों का पालन और एयर ऑपरेटर परमिट भी जरूरी है।
मंजूरी नहीं मिलने के कारण मंगलवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए कोई उड़ान नहीं हो पाई। प्रशासन ने पैदल यात्रा पर भी रोक लगा रखी है।
उधर, नागरिक उपमंडल अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि डीजीसीए से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। बुधवार को हेली टैक्सी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।
हेलीटैक्सी नहीं मिलने से निराश श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि बुधवार को यदि उड़ानें शुरू होती हैं तो सबसे पहले उन्हें भेजा जाए। साथ ही उनके होटलों का सारा खर्च भी कंपनी से वसूला जाए। क्योंकि, वे कंपनी के बुलाने पर ही हेलीपैड पहुंचे थे। यदि उड़ान होनी ही नहीं थी तो उन्हें क्यों बुलाया गया था।