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आठ साल बाद भी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के 40% पद खाली : गोस्वामी

Tue, 06 Jan 2026 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा में बैठक के दौरान मौजूद वेलफेयर एसोसिएशन के पदा​धिकारी और सदस्य।संवाद
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चंबा। वेलफेयर एसोसिएशन चंबा की बैठक प्रधान ओम प्रकाश गोस्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को होटल इरावती में हुई। इस दौरान ओम प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि सरकार द्वारा घोषित आकांक्षी जिला आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को तरस रहा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज खुले आठ साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक यहां फैकल्टी और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लगभग 40 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हैं।
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इसके अतिरिक्त नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के भी करीब 20 प्रतिशत पद खाली चल रहे हैं। पर्याप्त बजट के अभाव में अस्पताल में दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। इससे मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बार-बार मांग के बावजूद मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग, मूत्र रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी व पल्मोनरी जैसे अत्यंत आवश्यक विभाग आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं। मरीजों को भारी आर्थिक बोझ उठाकर धर्मशाला, टांडा या अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के दोनों भवनों के बीच सड़क पार कर मरीजों को जांच के लिए जाना पड़ता है। जहां भारी ट्रैफिक और सड़क के किनारे खड़ीं गाड़ियों के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।
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एसोसिएशन ने मांग की कि इस क्षेत्र को साइलेंट जोन घोषित कर वाहनों की आवाजाही चौगान नंबर चार और पांच के बीच की सड़क से किया जाए। या फिर दोनों भवनों के बीच ओवरहेड ब्रिज का निर्माण किया जाए। बैठक में ईश्वरी प्रसाद शर्मा, जेएन वाली, सुरेश कश्मीरी, निक्कू राम दुनेरिया, एसपी वेद, चैन लाल शर्मा, हरेंद्र सिंह और पील ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
पानी की भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए, तीन मोहल्लों में बनें ओवरहेड टैंक
ओम प्रकाश ने कहा कि शहर वर्षों से एक ही पेयजल योजना पर निर्भर है। इसका कोई वैकल्पिक प्रबंध नहीं है। वर्षा या प्राकृतिक आपदा के दौरान जब यह योजना बाधित होती है तो पूरे शहर को पानी के लिए भटकना पड़ता है। बीते वर्ष अगस्त-सितंबर की आपदा के दौरान लगभग 15 दिन तक शहर पानी संकट से जूझता रहा। सरकार और प्रशासन से मांग उठाई है कि पानी की भंडारण क्षमता बढ़ाई जाए और आपात स्थिति के लिए शहर के दो से तीन प्रमुख मोहल्लों में ओवरहेड टैंक बनाए जाएं। हर घर जल, हर घर नल योजना के तहत बनाए गए कई जल टैंकों को बिना छत के खुला छोड़ा जाना अत्यंत चिंताजनक है। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे पेयजल और सीवरेज नेटवर्क का तत्काल सर्वे करवाकर लीकेज को रोका जाए और खराब पाइपों को बदला जाए।
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