अब हाईड्रोजन के प्रयोग से दौड़ेंगी गाड़ियां
स्कूली बच्चों ने तैयार किया 100 प्रतिशत प्रदूषण फ्री इंडियन सिद्धांत पर आधारित मॉडल
सोडाकेन और एल्युमिनियम के खाली टीन से एनओएच के साथ रिएक्ट कर तैयार होगा ईंधन
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। पेट्रोलियम के इस्तेमाल से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए स्कूली बच्चों ने नया आविष्कार किया है। विश्व पब्लिक स्कूल चौंतड़ा मंडी के विद्यार्थियों ने इसके तहत बाकायदा 100 प्रतिशत प्रदूषण फ्री इंडियन सिद्धांत के आधार पर एक ऐसा मॉडल तैयार किया है। जो कि हाईड्रोजन के प्रयोग से बिना वायु प्रदूषण किए वाहनों को दौड़ने में कारगर साबित होगा। इसकी एवज में वाहन चालकों को अधिक पैसे भी व्यय नहीं करने पडेंगे। राज्य स्तरीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपना मॉडल भी प्रदर्शित किया गया है। यह मॉडल बच्चों और जानकारों के लिए आकर्षण का केेंद्र बना हुआ है। इतना ही नहीं विद्यार्थियों द्वारा इस सिद्धांत के बारे में लोगों को बारिकी से महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
गौरतलब हो कि भारत में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे वाहनों की तादाद से जहां एक तरफ पैट्रोल और डीजल की खपत भी लगातार बढ़ रही है। दूसरा वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते वायु प्रदूषण भी बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में अब विश्व पब्लिक स्कूल चौंतड़ा मंडी के विद्यार्थियों की ओर से तैयार किया गया मॉडल एक तरफ जहां पेटोलियम के प्रयोग पर अंकुश लगाएगा। साथ ही इससे होने वाले वायु प्रदूषण पर भी अंकुश लगा देगा। विद्यार्थियों ने रॉकेट में प्रयोग होने वाले हाइड्रोजन का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर करके दिखाया गया है।
बच्चों और शिक्षकों ने ऐसे तैयार किया मॉडल
विश्व पब्लिक स्कूल चौंतड़ा के विद्यार्थी पयूष और फिजिक्स के पीजीटी अध्यापक पंकज ने बताया कि उन्हें अपने मॉडल को तैयार करते समय सबसे बड़ी समस्या हाईड्रोजन प्राप्त करने की पेश आई। इसका समाधान करते हुए उन्होंने सोड़ा कैन और एल्युमिनियम के टीन को एनओएच के साथ रिएक्ट करवाया। जिससे उत्पन्न होने वाले ईंधन से गाड़ी चलने लगी। बहरहाल, उनके समक्ष दूसरी सबसे बड़ी समस्या सोडा कैन और एल्युमिनियम के टीन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लेकर जाने संबंधी पेश आई। इसका हल तलाशते हुए उन्होंने पाया कि सोडा कैन और एल्युमिनियम को पाउडर की तरह तैयार कर कहीं पर भी आसानी से लिया जा सकता है।