चंबा। जिले में खुले पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सबसे पहले डिजिटिलाइजेशन को आरंभ किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज चंबा में डिजिटिलाइजेशन को आरंभ करने का मुख्य मकसद महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर नकेल कसना है। ऐसे में चंबा मेडिकल कॉलेज प्रदेश में पहला मेडिकल कॉलेज होगा जहां पर डिजिटिलाइजेशन को पायलट योजना पर शुरू किया जाएगा। डिजिटिलाइजेशन के तहत चिकित्सक डिजिटल स्कैनर पर पर्ची रखकर मरीजों को दवाई लिखेंगे। हरेक ओपीडी में एक कंप्यूटर लगेगा। इसका पूरा कंट्रोल एमएस और प्रिंसिपल के पास रहेगा। डॉक्टर मरीजों की पर्ची पर जो दवाइयों लिखेंगेे, उसका रोजाना ऑडिट होगा। इसमें महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर नकेल कसेगी। साथ ही ऐसे डॉक्टरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के किसी भी मेडिकल कॉलेज में अभी तक डिजिटिलाइजेशन सुविधा नहीं है। ऐसी सुविधा वाला प्रदेश में चंबा मेडिकल कॉलेज पहला बनेगा। अगर यह योजना सफल रही तो इसे प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसे लागू किया जाएगा।
डिजिटिलाइजेशन के लिए हो चुके हैं टेंडर
चंबा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अस्पताल को डिजिटिलाइजेशन करने के लिए स्वास्थ्य
सचिवालय से मंजूरी लेकर टेंडर भी करवा दिए हैं। इस व्यवस्था को लागू करने में करीब पचास लाख रुपये का खर्च होगा। इसके लिए निजी कंपनी को ठेका मिल चुका है। जल्द अस्पताल में यह सुविधा शुरू हो जाएगी, जिसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि डिजिटिलाइजेशन शुरू करने को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसकी व्यवस्था होने पर डॉक्टरों को स्कैनर पर पर्ची के ऊपर दवाई लिखनी होगी। महंगी और ब्रांडेड दवाएं लिखने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी।