होली सेक्टर के अधीन आने वाले झडौता गांव के 30 परिवारों के सिर पर मौत का साया मंडरा रहा है। निजी जलविद्युत परियोजना के रिसाव से गांव के लिए यह खतरा पैदा हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो गांव से नीचे महज 100 मीटर की दूरी पर जमीन में दरारें आने से गांव के लोग खौफजदा हैं। वर्ष 2021 में भी गांव में छह मकान जमींदोज हो चुके हैं। इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, लिहाजा समय रहते होली प्रशासन गांव का भारतीय सर्वेक्षण विभाग से सर्वेक्षण करवाए। ताकि यह पता चल सके कि गांव रहने एवं अन्य गतिविधियों के लिए सुरक्षित है या नहीं है। कहा कि यदि यहां रहना सुरक्षित नहीं है तो तुरंत गांव के विस्थापन का प्रबंध किया जाए।
ग्राम पंचायत झडौता पंचायत प्रधान अनूप कुमार, ग्रामीण सन्नी कुमार, विशाल कुमार, छांगा राम, भीखम, चमारू राम, अनिल कुमार, छिंबी देवी, रचना देवी, रितू, आशा, कविता, संसारो, रतो देवी, अनीता देवी, राहुल कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 दिसंबर से लेकर गांव झडौता पंचायत होली में लगातार रिसाव का क्रम जारी है। इससे गांव का एक बड़ा हिस्सा पूर्व में नष्ट हो चुका है। अब गांव से ठीक नीचे 100 मीटर की दूरी पर दरारें आ चुकी हैं।
जिससे गांव को खतरा उत्पन्न हो चुका है। इसका मौका 27 दिसंबर 2022 को कानूनगो एवं पटवारी होली की ओर से किया गया है। बताया कि यह स्थिति संकट वाली पाई गई है। उन्होंने समस्या का समय रहते समाधान करते हुए उचित प्रयास करने की मांग उठाई है। कहा कि गांव के प्राकृतिक संसाधनों को क्षति पहुंची है। जिससे गांव के बेरोजगार युवाओं को कंपनी में स्थायी रोजगार प्रदान किया जाए।
कहा कि गांव में परियोजना निर्माण से हुए आर्थिक एवं सामाजिक क्षति के आकलन के लिए और भविष्य में उन्हें बेहतर जीवन यापन के अवसर प्रदान करने के लिए कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें गांव के सदस्य शामिल किए जाएंगे। कहा कि यदि समय रहते कोई उचित कदम न उठाए गए तो भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार की जानमाल की क्षति के लिए प्रशासन जिम्मेवार होगा। मंगलवार को पंचायत प्रतिनिधि की अगुवाई में ग्रामीणों ने तहसीलदार होली को ज्ञापन सौंप अपनी समस्या बारे अवगत करवाया।
झडौता गांव के प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा है। उपमंडल अधिकारी भरमौर को मामले से अवगत करवाया जाएगा। प्रशासनिक आदेशों के बाद ही आगामी कदम बढ़ाए जाएंगे।
- राकेश कुमार, तहसीलदार होली