चंबा। जिले में भारी बारिश के बाद जांघी से आगे भरमौर-पठानकोट हाईवे बंद है। शुक्रवार तक हाईवे समेत 265 सड़कें बंद रहीं, जबकि 395 ट्रांसफार्मर ठप होने से करीब 2,000 गांवों में अंधेरा पसरा है। इसके अलावा 121 पेयजल योजनाएं ठप हैं, जिससे पेयजल का संकट हैं। भरमौर-पठानकोट हाईवे कलसुई से लेकर भरमौर तक जगह-जगह सड़क का नामोनिशान मिटने और चट्टानें गिरने से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। जिस कारण हाईवे पर पूरी तरह यातायात व्यवस्था सुचारु नहीं हो पाई है। विद्युत मंडल चंबा में 221, तीसा में 116, सलूणी में 48, डलहौजी में आठ और भटियात में दो ट्रांसफार्मर बंद हैं। इस कारण लोगों को अंधेरे में ही रातें काटनी पड़ रही हैं। चार दिन से गांवों में बिजली गुल होने के कारण लोगाें को दूसरे गांवों, पंचायतों में जाकर अपने मोबाइल फोन चार्ज करने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिजली बोर्ड प्रबंधन की लापरवाही इस आपदा में खुल कर सामने आ गई हैं।
किस मार्ग की, क्या स्थिति
जिले में सलूणी उपमंडल में 62, तीसा में 60, चंबा में 56, भरमौर में 28, भटियात में 25, पांगी में 18, डलहौजी में 16 सड़कें भूस्खलन से जगह-जगह बंद हैं। चंबा-खज्जियार मार्ग वाया गेट धार तक खुला है। चंबा-होली मार्ग बंद है। चंबा-भटियात वाया जोत बंद, चंबा-सलूणी मार्ग छोटे वाहनों के लिए लंगेरा तक खुला है। चंबा तीसा मार्ग छोटे वाहनों के लिए मधुवाड़ तक खुला है। चंबा-पांगी वाया साच पास पूरी तरह से बंद हैं।
चॉपर से भरमौर भेजा जाएगा राशन
भरमौर पठानकोट हाईवे कलसुई से आगे पूरी तरह से बंद होने के कारण अब जनजातीय क्षेत्र भरमौर के लोगों और वहां पर श्रद्धालुओं के लिए चॉपर के जरिये राशन की सप्लाई भेजी जाएगी। हाईवे यातायात के लिए बहाल न होने तक चॉपर के जरिये ही राशन की खेप पहुंचाई जाती रहेगी। एडीएम भरमौर के आग्रह पर अब जिला प्रशासन ने चॉपर के जरिये ये सहूलियत प्रदान करने का बीड़ा उठाया है।