अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों को टूटी व्हील चेयर पर ढोया जा रहा है। इस वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि टूटी व्हील चेयर होने के कारण मरीजों को ले जाने में तीमारदारों को भी दिक्कतें पेश आती हैं। इसका मुख्य कारण है यह है कि व्हील चेयर की देखभाल करने को कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। तीमारदार मरीज को वार्ड या लैब में लाने के लिए व्हील चेयर का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद व्हील चेयर को इमरजेंसी वार्ड के बाहर छोड़ दिया जाता है। यहां पर व्हील चेयर ऐसे पड़ी रहती हैं, जैसे कोई कबाड़ रखा हो।
मौजूदा समय में इमरजेंसी वार्ड के बाहर एक दर्जन के करीब व्हील चेयर रखी हैं। इसमें से ज्यादातर की हालत खस्ता हो चुकी है। कइयों के पहिये टूट गए हैं, तो कई को पट्टी बांध कर जोड़ा गया है। कई मर्तबा ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है। कि तीमारदार को व्हील चेयर पर रखे मरीज को चेयर के साथ उठाकर ले जाना पड़ता है। व्हील चेयर के टूटे पहिये सड़क पर नहीं चलते। इसकी वजह से मरीज व तीमारदार काफी परेशान होते हैं। इस समस्या के बारे में तीमारदार कई बार अस्पताल प्रबंधन को भी अवगत करवा चुके हैं। मगर अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया। मरीजों और तीमारदारों ने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से मांग की कि टूटी हालत में पड़ी व्हील चेयर को रिपेयर करवाया जाए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। जल्द ही टूटी व्हील चेयर की मरम्मत करवा दी जाएगी। इसके अलवा नई व्हील चेयर की जरूरत हुई तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।