कबायली क्षेत्र भरमौर की पुलन पंचायत के सुपा गांव में जंगल की आग से सेब के लगभग दो हजार पौधे और बगीचों में बने दो दर्जन के लगभग शेड जल कर राख हो गए हैं।
यह आग वीरवार दोपहर बाद किसी शरारती तत्व ने लगाई। जिसने देखते ही देखते ही प्रचंड रूप धारण कर लिया। वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया लेकिन शाम ढलने तक आग बुझ नहीं पाई और यह सीधे रिहायशी बस्तियों की ओर बढ़ गई। कबायली क्षेत्र भरमौर में आगजनी की लगातार यह चौथी घटना है।
इससे पहले लामू, संचूई, ग्रीमा और कूंर पंचायत में आग अपना रौद्र रूप दिखा चुकी है। अब पुलन पंचायत के सुपा गांव से आग ने शुरू होकर तांडव मचाना शुरू कर दिया है। इस आग से सुधीर कुमार, जोगेंद्र कुमार, सुरिंद्र कुमार, राजकुमार, हरि लाल, गौतम, दुनो चंद, प्रीतम समेत दो दर्जन के करीब सेब बागवानों के दो हजार से ज्यादा सेब के पौधे जल गए। वहीं खेतों व बगीचों में सुरक्षा के लिए बनाए गए दो दर्जन के करीब शेड व उनमें रखा सामान भी जल कर स्वाह हो गया है।
हालांकि वन विभाग और स्थानीय लोग आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया जिससे वन संपदा और लोगों की संपत्ति को मिलाकर करोड़ों रुपयों का नुकसान होने की संभावना है।
रिहायशी क्षेत्र में आग रोकने के लिए विभाग सक्रिय : रामलोक ठाकुर
उधर वन परिक्षेत्र अधिकारी रामलोक ठाकुर का कहना है कि वन विभाग रिहायशी क्षेत्रों को आग की चपेट में आने से रोकने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है। यह आग किसी शरारती तत्व ने लगाई है। जिसकी विभाग तलाश कर रहा है।