एमसीआई दौरे से पहले व्यवस्था सुधारने
में जुटा चंबा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन
एमसीआई का अनुमति पत्र मिलने पर ही शुरू होगा एमबीबीएस का तीसरा सत्र
पिछले दौरे में एमसीआई ने चंबा मेडिकल कॉलेज में लगाई थी कुछ आपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के तीसरे सत्र का अनुमति पत्र देने (एलओपी) के लिए एमसीआई किसी भी समय मेडिकल कॉलेज का दौरा कर सकती है। एमसीआई अगर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को एलओपी-तीन(लेटर ऑफ परमिशन) नहीं देती है तो मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के तीसरे सत्र पर खतरा भी मंडरा सकता है। क्योंकि पिछले दौरे के दौरान एमसीआई ने चंबा मेडिकल कॉलेज में कुछ आपत्तियां लगाई थीं। इन्हें पूरा करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को 31 मार्च तक का समय दिया गया था। इन आपत्तियों को पूरा करने के लिए प्रबंधन ने पूरे प्रयास किए हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया है कि उन्होंने एमसीआई के दौरे को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं, जो भी आपत्तियां एमसीआई ने पिछले दौरे के दौरान लगाई थी। उन सभी को पूरा कर लिया गया है। हालांकि इस बात का फैसला एमसीआई के दौरे के बाद ही पता चल पाएगा।
एमसीआई के दौरे को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पूरी तरह से मुस्तैद है। अस्पताल में सभी सेवाओं को सुधारा जा रहा है। अस्पताल में प्रबंधन की ओर से हाल ही में नया फीमेल इंजेक्शन रूम, नया ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, डिजिटल एक्सरे और माइनर ओटी को तैयार किया गया है। इसे लेकर पिछले दौरे के दौरान एमसीआई ने प्रबंधन को निर्देश भी दिए थे। हालांकि डॉक्टर की संख्या को लेकर प्रबंधन अभी भी डामाडोल की परिस्थिति में है। क्योंकि तीसरे सत्र के लिए मेडिकल कॉलेज में कम से कम 136 डॉक्टर होने चाहिए, जबकि मेडिकल कॉलेज में अभी तक 78 डॉक्टर ही मौजूद हैं। सरकार की ओर से चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए कमीशन के जरिये 53 डॉक्टरों के पद भरने की घोषणा की है। इन सभी पदों के भरने से अस्पताल में शायद डॉक्टरों की कमी दूर हो जाए। फिलहाल मेडिकल कॉलेज प्रबंधन एमसीआई के दौरे को सफल बनाने की तैयारियों में लगा है। इसे लेकर अस्पताल में कई प्रकार के बदलाव भी किए जा रहे हैं, ताकि एमसीआई कोई नई आपत्ति न लगाए। और उन्हें आसानी से तीसरे सत्र की मंजूरी मिल जाए।
कोट
-एमसीआई के दौरे को लेकर प्रबंधन ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि एमसीआई तीसरे सत्र के लिए एलओपी देगी। पिछले दौरे में लगाई सभी आपत्तियों को पूरा किया जा चुका है। - डॉक्टर विनोद शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक