खज्जियार(चंबा)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला डुगली में अध्यापकों के तीन पद स्वीकृत होने के बाद भी एकमात्र अध्यापक होने से खिन्न हुए 250 अभिभावकों ने वीरवार सुबह दस बजे विद्यालय के दरवाजे पर ताला जड़ दिया। इतना ही नहीं, स्कूल परिसर में बैठ कर एसएमसी पदाधिकारियों, अभिभावकों व बच्चों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही डिप्टी डीओ ने मौके पर पहुंच अभिभावकों को समझाने की भरपूर कोशिश की। आखिरकार तीन बजे दो अध्यापकों के विद्यालय में सेवाएं देने और स्वयं शुक्रवार को स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के आश्वासन मिलने के उपरांत करीबन ढाई बजे अभिभावकों ने स्कूल के दरवाजे पर जड़ा ताला खोला।
गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत रठियार के तहत आती राजकीय प्राथमिक पाठशाला डुगली में पहली कक्षा से लेकर पांचवीं कक्षा तक 71 बच्चे शिक्षारत हैं। यहां पर तीन अध्यापकों की तैनाती हुई है। जिसके तहत एक अध्यापक अपनी सेवाएं दूसरी जगह पर देकर स्कूल से ही वेतनमान प्राप्त कर रहा है। इसके अलावा शेष बचे दो अध्यापकों में से एक अध्यापक बीते एक सप्ताह से सेमीनार में होने की सूरत में विद्यालय नहीं आ रहा है। ऐसे में विद्यालय में शेष बचे एकमात्र अध्यापक के हवाले ही विद्यालय में शिक्षारत 71 बच्चों का जिम्मा है। हांलाकि, इससे पूर्व कई बार अभिभावक शिक्षा विभाग से विद्यालय में तैनात अध्यापकों को विद्यालय में ही सेवाएं देने संबंधी मांग करते आ रहे हैं। वीरवार को आखिरकार एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों के सब्र का बांध टूट गया। एसएमसी पदाधिकारियों व अभिभावकों ने विद्यालय के दरवाजे पर ताला जड़ प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हांलाकि, सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग की तरफ से डिप्टी डीओ भी मौके पर पहुंचे। एसएमसी पदाधिकारी और अभिभावक जिलाधीश चंबा, एसडीएम चंबा और शिक्षा उपनिदेशक को बुलाकर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग पर अड़े रहे।
ग्राम पंचायत रठियार के उपप्रधान राकेश कुमार, एसएमसी प्रधान पिंकी देवी, अभिभावकों में बबली देवी, गुड्डी देवी, पिंकी, आशा, पुष्पा देवी, गरीबो देवी, गुड्डो देवी, लांबो, नंदनी, शांति देवी, दर्शना देवी, नीशा, बीना, रानी देवी, विक्रम कुमार, त्रिलोक, जर्म सिंह ने बताया कि विद्यालय में लंबे समय से स्वीकृत तीन पदों में से मात्र एक ही अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहा है। आश्वासन के बाद ताला तो खोल दिया गया है लेकिन, फिर ये समस्या उत्पन्न होती है तो पुन: धरना-प्रदर्शन और स्कूल में ताला जड़ने से अभिभावक गुरेज नहीं करेंगे।
राप्रापा डुगली में रठियार पंचायत के गांव डुगली, तलाई, झाजुई, फाट, भटोली इत्यादि गांवों से बच्चे पैदल स्कूल में शिक्षा हासिल करने के लिए पहुंचते हैं।
डिप्टी डीओ हमिंद्र सिंह ने बताया कि राप्रापा डुगली में एक सीएचटी और दो जेबीटी के पद स्वीकृत हैं। जिसके तहत एक अध्यापक बीआरसी प्रतिनियुक्त है। इसके अलावा दूसरा जेबीटी अध्यापक सेमीनार में गया था। बहरहाल, लोगों की डिमांड को देखते हुए दूसरे जेबीटी अध्यापक को वीरवार को सेमीनार छोड़ कक्षाएं लगाने बारे भेज दिया गया था। अभिभावकों द्वारा स्कूल में ताला लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच दो अध्यापकों को स्कूल में तैनात रहने व शुक्रवार को स्वयं स्कूल में आकर बच्चों को पढ़ाने का आश्वासन दिए जाने के बाद ताला खुलवा दिया गया है।